मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य के पशु चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। गहलोत ने प्रतिनिधिमंडल के सुझावों का परीक्षण करवाकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पशु चिकित्सक संगठनों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार पशु चिकित्सकों सहित राज्य कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर सरकार ने कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा संबंधी अध्ययन के लिए राज्य में वृहद स्तर पर वेटनरी कॉलेज और जोबनेर में वेटनरी यूनिवर्सिटी खोली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना वरदान साबित हुई है। प्रति परिवार दो दुधारू पशुओं का 40-40 हजार रुपये का बीमा करने से पशुपालकों को संबल मिला है।
इस अवसर पर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आयुदान सिंह कविया, राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी, महामंत्री अर्जुन शर्मा, राजस्थान पशु चिकित्सा संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुमेर सिंह तथा राजस्थान वेटनरी डॉक्टर्स एसोशिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. इन्द्रजीत सिंह, महासचिव डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार रंगा उपस्थित रहे।
किसान क्रेडिट कार्ड दुर्घटना बीमाधारकों के परिजनों को सौंपे 10-10 लाख रुपये के चेक
मुख्यमंत्री गहलोत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर किसान क्रेडिट कार्ड दुर्घटना बीमाधारकों के परिजनों को बीमा राशि के चैक सौंपे। राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा जारी किसान क्रेडिट कार्ड पर दुर्घटना बीमा के 11 लाभार्थियों को 10-10 लाख रुपये के चेक दिए गए। इस अवसर पर गहलोत ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की ऋणमाफी, पृथक कृषि बजट, कृषक कल्याण कोष का गठन, 2000 यूनिट कृषि बिजली फ्री, कृषि यंत्रों की खरीद के लिए अनुदान जैसी कई योजनाओं और फैसलों से कृषकों के जीवन में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अचानक आई विपदा में बीमा सुरक्षा कवच का कार्य करता है। राज्य सरकार ने भी पशु पालकों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए लम्पी रोग से मृत गायों पर प्रति गाय 40-40 हजार रुपए का मुआवजा दिया। साथ ही, मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना में दो दुधारू पशुओं का 40-40 हजार रुपये का बीमा कर सुरक्षा दी गई है।
इस दौरान यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के उप महाप्रबंधक रघुनाथ मीना, क्षेत्रीय प्रबंधक गीता राय, आलोक जैन और जितेन्द्र सबलानीय सहित अन्य कर्मचारी और दुर्घटना बीमा धारकों के परिजन उपस्थित थे।