राजस्थान के कोटा जिले की आरकेपुरम इलाके की निवासी अनुश्री सचियान ने ऑल इंडिया में 220वीं रैंक हासिल कर बड़ी कामयाबी हासिल की। इस पूरी सफलता में हैरानी चैकाने वाली बात ये रही कि अनुश्री ने बिना कोचिंग के यह कारनामा किया है। हालांकि, उन्हें यह सफलता चैथे प्रयास में मिली है। इससे पहले परीक्षा में 633वीं रैंक आई थी, लेकिन अच्छी रैंक के लिए कड़ी मेहनत जारी रखी। ऐसे में संभावना है कि उन्हें इंडियन पुलिस सर्विस या इंडियन रिवेन्यू सर्विस मिल सकती है।
अनुश्री ने बताया कि उनका पूरा परिवार मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला है। उनके पिता सुशील सचियान कोटा में बीएसएनएल में डिविजनल इंजीनियर हैं। ऐसे में पिता का ट्रांसफर हो गया था। उसके बाद पूरा परिवार भी कोटा में शिफ्ट हो गया। अनुश्री ने शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में की। इसके बाद कोटा से जेईई मेन और एडवांस की तैयारी की। वर्ष 2017 में जेईई एडवांस्ड की रैंक की बदौलत आईआईटी बॉम्बे में बैचलर ऑफ साइंस इन कैमेस्ट्री में एडमिशन लिया। अनुश्री की मां शर्मिला गृहणी हैं और भाई अविरल आईआईटी गुवाहाटी से बीटेक कर रहे हैं।
अनुश्री का कहना है कि उन्होंने ग्रेजुएशन पूरी होने वाले साल में ही सिविल सर्विसेज का पहला अटेम्प्ट साल 2021 में दिया था, लेकिन उनको सफलता नहीं मिल सकी थी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत को लगातार और अधिक बढ़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद दूसरे अटेम्प्ट साल 2022 में 633 रैंक मिली। लेकिन अनुश्री को अच्छे कैडर की उम्मीद थी, इसलिए जॉइन नहीं किया। तीसरी अटेम्प्ट साल 2023 में प्रीलिम्स क्लियर नहीं हुआ, लेकिन 2024 में उन्होंने काफी मेहनत की। इस बार जमकर पढ़ाई की और 220 रैंक आई।
सिविल सर्विसेज का एग्जाम अनुश्री ने बिना कोचिंग के क्लियर किया। वो खुद ही पढ़ती थी, इसलिए किसी तरह की कोचिंग जॉइन नहीं की। अनुश्री का कहना है कि वो केवल ऑनलाइन मॉक टेस्ट देती थी, जिससे उन्हें काफी मदद मिली। अनुश्री ने अपनी इस सफलता का श्रेय परिवार को दिया है, जिनकी प्रेरणा और सहयोग से उन्हें सफलता हासिल हुई है। भाई अविरल ने एग्जाम के दौरान दोस्त की तरह सलाह दी व मदद की।