वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का आम बजट पेश कर दिया। डायरेक्ट टैक्स छूट में अब तक के सबसे बड़े एलान इस बजट में किए गए हैं। राजस्थान के लोगों को इस घोषणा से बड़ा फायदा मिलने वाला है।
केंद्रीय बजट में आयकर सीमा में बढ़ाई गई। छूट का बड़ा फायदा राजस्थान को भी मिलने वाला है। आयकर जमा करवाने के मामले में राजस्थान देश में बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी, मध्यप्रदेश के बाद चौथे नंबर पर आता है। यहां हर साल करीब 57 लाख टैक्स रिटर्न दाखिल किया जाता है। जानकारी के मुताबिक इनमें से 30 लाख से ज्यादा लोग 12 लाख सालाना की टैक्स स्लैब में आ रहे हैं। बजट की नई घोषणा के अनुसार अब 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर अब आयकर नहीं देना होगा।
केंद्रीय करों से हिस्सा राशि के रूप में राजस्थान को 85 हजार करोड़
केंद्रीय करों में राज्यों को हिस्साराशि के रूप में आने वाले वित्त वर्ष में केंद्र सरकार 14 लाख 22 हजार करोड़ रुपये बांटेगी। इनमें से राजस्थान को 85 हजार 716 करोड़ रुपये मिलेंगे। राजस्थान से हर साल टैक्स कलेक्शन के रूप में केंद्र सरकार के पास जो राशि पहुंचती है, उसका 6.26 प्रतिशत हिस्सा बजट में राजस्थान को हिस्सा राशि के रूप में वापस लौटाया जाता है। पिछले बजट में यह राशि 75 हजार करोड़ रुपये थी। इस साल राजस्थान को 85 हजार 716 करोड़ रुपये मिलेंगे।
प्रमुख कर संग्रह स्रोत
इसमें कॉर्पोरेशन टैक्स से 23934.98 करोड़ रुपये
इनकम टैक्स से 31936.24 करोड़ रुपये
सेंट्रल जीएसटी से 24954.27 करोड़ रुपये
कस्टम्स से 3945.35 करोड़ रुपये
यूनियन एक्साइज से 819.64 करोड़ रुपये
इंफ्रा परियोजनाओं को लोन की मंजूरी
इनके अलावा राजस्थान के बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं में राजस्थान स्टेट हाईवे को 321.21 करोड़ रुपये, राजस्थान ग्रामीण पेयजल वितरण 255 करोड़ रुपये, राजस्थान स्टेट हाईवे डेवलमेंट प्रोजेक्ट के लिए भी इस बजट में लोन गारंटी दी गई है।