जयपुर में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करधनी इलाके से दो फरार हार्डकोर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुजानगढ़ फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह और कई गंभीर मामलों में वांछित लक्ष्मण सिंह शामिल हैं।
यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में की गई। ऑपरेशन का सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा ने किया, जबकि पुलिस उप अधीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने इसे अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, एजीटीएफ को इनपुट मिला था कि सुजानगढ़ फायरिंग प्रकरण का आरोपी कृष्ण सिंह जयपुर में छिपकर फरारी काट रहा है। इसके बाद टीम ने लगातार आसूचना संकलन कर करधनी क्षेत्र में दबिश दी और घात लगाकर आरोपी को डिटेन कर लिया। उसके साथ मौजूद लक्ष्मण सिंह को भी मौके से हिरासत में लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि कृष्ण सिंह चूरू जिले के सुजानगढ़ क्षेत्र में जेडीजे ज्वैलर्स शोरूम पर हुई फायरिंग में शामिल था और पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था। वारदात के बाद वह लगातार स्थान बदलकर पुलिस से बचता रहा।
एडीजी दिनेश एमएन के अनुसार, कृष्ण सिंह कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण के सीधे संपर्क में था और उनके इशारे पर कारोबारियों को धमकाने और रंगदारी वसूलने का काम करता था। वह पहले भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है।
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दूसरा आरोपी लक्ष्मण सिंह भी गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, चैन स्नेचिंग सहित कुल 27 मामले दर्ज हैं। वह वैशाली नगर, मकराना और नावां सिटी थानों के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था।
फिलहाल एजीटीएफ की टीम दोनों आरोपियों से गिरोह के नेटवर्क, सहयोगियों और संभावित आपराधिक साजिशों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से गैंग से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों का खुलासा हो सकता है।
इस ऑपरेशन को संगठित अपराध के खिलाफ एजीटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्यभर में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।