दी बार एसोसिएशन जयपुर महानगर की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को जयपुर मेट्रो (जिला न्यायालय) परिसर में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएम श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधि वेत्ता न्यायाधिपति फरजंद अली और न्यायाधिपति उमाशंकर व्यास रहे। विशिष्ट अतिथि सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा, राजस्थान हाई कोर्ट बार के अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा और डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष गजराज सिंह राजावत आदि प्रमुख तौर पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने दी बार एसोसिएशन जयपुर महानगर के अध्यक्ष पवन शर्मा को, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएम श्रीवास्तव ने महासचिव राजकुमार शर्मा को शपथ दिलाई और निर्वाचन पत्र सौंपा।
'न्याय सबको मिले, देरी न हो'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम भजनलाल ने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि कार्यपालिका और विधायिका के साथ ही न्यायापालिका का लोकतंत्र में बड़ा योगदान है। अधिवक्ता समाज की नब्ज को अच्छे से समझते हैं। सीएम ने कहा कि न्याय के मंदिर में सबको न्याय मिले और उसमें देरी न हो ऐसा हमारा प्रयास होना चाहिए। कई अधिवक्ता गरीबों के मुकदमे निशुल्क लड़ते हैं, वे साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं के चैंबर और अन्य विकास कार्यों के चरणबद्ध योजना बनाने का आश्वासन दिया।
'समाज में अधिवक्ताओं को बहुत ऊंचा दर्जा प्राप्त है'
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ के रूप में न्यायपालिका अहम भूमिका निभा रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण तक में अधिवक्ताओं के महत्वपूर्ण योगदान से ही आज दुनिया में भारतीय न्यायपालिका का बड़ा सम्मान है। यह सुखद परिणाम अधिवक्ताओं द्वारा समाज हित में किए कार्यों से ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि समाज में अधिवक्ताओं को बहुत ऊंचा दर्जा प्राप्त है। ये समाज के बीच रहकर उनकी परेशानियों से परिचित रहते हैं और उनको समय पर न्याय दिलवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करते हैं। साथ ही, समाज को जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं को मानवीय मूल्यों की रक्षा करते हुए सेवाभाव के साथ पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने का कर्तव्य निभाना चाहिए। साथ ही, व्यक्तिगत की बजाय समाज हित में न्याय के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय के मंदिर में सभी पक्षकारों को न्याय मिलना सुनिश्चित करें। अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभाव में आए व्यक्ति की मदद करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ताओं की सुविधा विस्तार संबंधित कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। साथ ही, संकल्प पत्र में किए वादों को समय से पहले पूरा कर हर वर्ग तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।
अध्यक्षता कर रहे एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जल्द योजना बनाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने जज और वकीलों के रिश्तों पर प्रकाश डाला।
उप अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करने की मांग
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन शर्मा और निवर्तमान अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा ने उप अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करवाने की मांग की। न्यायालय के मेट्रो कोर्ट परिसर को जोड़ने के लिए ब्रिज बनाने के साथ ही बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की मांग की। साथ ही कलेक्ट्रेट सर्कल पर पार्किंग व्यवस्था, अधिवक्ताओं के लिए बीमा, मेडिकल पॉलिसी जैसी योजनाओं के लिए मांग रखी।
इससे पहले बार एसोसिएशन जयपुर महानगर के अध्यक्ष पवन शर्मा और महासचिव राजकुमार शर्मा ने अतिथियों का माल्यार्पण और साफा पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन मनोज शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नंदिनी व्यास, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय बलजीत सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय अजीत कुमार, बार काउंसिल राजस्थान के चेयरमैन घनश्याम सिंह राठौड़, दी बार एसोसिएशन जयपुर महानगर की पूरी कार्यकारिणी और अधिवक्ता गण मौजूद रहे।