गिरफ्तार आरोपी रितेश कुमार सिंह
- फोटो : Amar Ujala
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी डिग्री और अंकतालिका प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी रितेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के साथ ही इनाम भी घोषित किया गया था।
विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत अनुसंधान किया जा रहा
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों से दलालों की मिलीभगत से बैक डेट में फर्जी डिग्रियां प्राप्त कर चयनित होने संबंधी शिकायत की जांच के दौरान एसओजी थाना जयपुर में प्रकरण संख्या 13/2024 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत अनुसंधान किया जा रहा है।
फर्जी डिग्रियां और अंकतालिकाएं उपलब्ध करवाता था रितेश
जांच में सामने आया कि रितेश कुमार सिंह अपने सहयोगी प्रमोद पारीक के साथ मिलकर लखनऊ स्थित पीआर ग्रुप ऑफ एजुकेशनल सर्विसेज के माध्यम से छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालयों से फर्जी डिग्रियां और अंकतालिकाएं उपलब्ध करवाता था। आरोप है कि स्थानीय दलालों के नेटवर्क के जरिए हजारों छात्रों तक यह अवैध व्यवस्था पहुंचाई गई।
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9 अप्रैल 2025 को हुआ था फरार
एसओजी द्वारा 9 अप्रैल 2025 को ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू में कार्रवाई किए जाने के बाद आरोपी फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भारत और नेपाल के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर छिपकर रह रहा था। लगातार तलाश और तकनीकी निगरानी के बाद एसओजी टीम ने उसे लखनऊ से दस्तयाब कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
अंकतालिकाएं उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से बैक डेट में फर्जी डिग्रियां और अंकतालिकाएं उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। मामले में पूर्व में ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू और जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) के चांसलर, संचालक और पूर्व रजिस्ट्रार सहित कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रितेश की गिरफ्तारी के बाद इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
आरोपी को न्यायालय में पेश कर 18 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसओजी अब अन्य आरोपियों तथा फर्जी डिग्रियों का लाभ लेने वाले छात्रों के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।