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Politics: पायलट बोले- नौजवानों के पैरों के छालों की कसम पीछे नहीं हटूंगा; तीन मांगें पूरी करें, वरना आंदोलन

Mon, 15 May 2023 06:16 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने जयपुर के भांकरोटा इलाके में बड़ी जनसभा कर गहलोत सरकार के सामने तीन मांगे रखते हुए 15 दिन में पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। इनमें आरपीएससी को भंग करने, पेपरलीक प्रभावित स्टूडेंट्स को आर्थिक मुआवजा देने और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पर आरोपों की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांगें शामिल हैं।
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पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सचिन पायलट ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, वसुंधरा जी की सरकार के समय हमने और गहलोत साहब ने भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाए थे, उस पर जांच करने का वक्त आ गया है। आरोपों पर जांच होनी चाहिए। मैंने सीएम गहलोत को दो बार चिट्ठी लिखी, आग्रह, निवेदन किया, लेकिन डेढ़ साल में कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर अनशन और धरना किया लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब मैंने जनसंघर्ष यात्रा निकाली और उम्मीद करता हूं कार्रवाई होगी। तीन बड़ी मांगें हैं, जिन्हें सरकार से पूरा करने की मांग है- आरपीएससी को भंग कर पुनर्गठन करें, पारदर्शिता से लोगों का चयन हो। जिन लाखों बच्चों का पेपर लीक से आर्थिक नुकसान हुआ है उनको उचित आर्थिक मुआवजा दें। वसुंधरा जी पर हमने जो मिलकर आरोप लगाए थे, मैंने, कांग्रेस नेताओं ने और सीएम गहलोत ने जो आरोप लगाए थे। उनकी उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। सचिन पायलट ने सभा में उमड़े लोगों से कहा, इन तीनों मांगों का समर्थन करते हो तो दोनों हाथ खड़े करो।

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पायलट ने लोगों से कहा, मैं आपसे वादा करता हूं इस महीने के आखिर तक यानी 15 दिन में ये तीनों मांगें नौजवानों के हित में और भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं मानी गईं, तो मैंने अभी गांधीवादी तरीके से अनशन किया है, जन संघर्ष यात्रा की है। मांगें पूरी नहीं होती हैं तो मैं पूरे प्रदेश में आप लोगों के साथ मिलकर आंदोलन करूंगा। हम गांव-ढाणी में आंदोलन करेंगे, पैदल चलेंगे। जनता को न्याय दिलाएंगे। हम लोगों के पास कुछ नहीं है। हम तो पैर में जूता डालकर निकल पड़े थे। पता नहीं था यात्रा में कौन आएगा कौन नहीं आएगा। हमारी पूंजी, ताकत और सबकुछ जनता है। हम आंदोलन करेंगे तो एक-एक गांव-ढाणी में आंदोलन करेंगे और न्याय लेकर रहेंगे। पायलट के साथ मंच पर रामनिवास गावड़िया ने कहा, अगर 15 दिन में मांगें नहीं मांगी गईं, तो अब आंदोलन नहीं रण होगा। 

सोनिया गांधी को 25 सितम्बर को बेइज्जत किया गया...
सचिन पायलट ने कहा, हमने संघर्ष भ्रष्टाचार और नौजवानों के मुद्दे पर किया है। दिल्ली में हमारी बात को सुना और एआईसीसी ने कमेटी बनाने का काम किया। लेकिन 25 सितम्बर 2022 को सोनिया गांधी को जिस तरह बेइज्जत किया, उनके भेजे गए दूतों को बेइज्जत किया गया। विधायक दल की बैठक नहीं होनी दी गई। ये अनुशासन किसने तोड़ा और अनुशासनहीनता किसने की यह उन लोगों को सोचना पड़ेगा। हम अनुशासनहीन हैं या वो गिरेबां में झांककर देखें। हम तो बिना पद के गाली खा-खाकर आंदोलन कर रहे हैं और अनुशासनहीनता के आरोप झेल रहे हैं। वो लोग मलाई खा खाकर अनुशासनहीनता कर रहे हैं। 
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कान खोलकर सुन लो मेरी रगो में लाल खून है...
पायलट बोले, मेरे लिए कहा जाता है ये फलां कौम का है। फलां जाति का है। लेकिन कान खोलकर सुन लो, मेरी रगों में लाल खून है। मैं 36 कौम का बेटा हूं और प्रदेश के लिए सब कुछ करने को तैयार हूं। पायलट ने कहा, कुछ लोग यहां सभास्थल पर हंगामा और तोड़फोड़ कर सकते हैं, ऐसी सूचना मिली है। लेकिन हमें पूरी शांति से सभा करनी है, हम गांधीवादी हैं। कोई भड़काए भी तो भड़कना नहीं है। हम आपको कभी नीचा नहीं देखने देंगे वादा करते हैं।

सचिन पायलट ने कहा, साढ़े 4 साल में हम उन वादों को पूरा नहीं कर पाए, जो वादे हमने जनता से किए थे। चुनाव से पहले मैंने, सीएम गहलोत ने वसुंधरा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मैंने दो बार चिट्ठी लिखकर सीएम से मांग की, कि जांच कराओ, किसने क्या किया था दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए, निष्पक्ष जांच हो जाए। मैंने जयपुर में अनशन किया और मांग रखी कि वसुंधरा जी के शासन काल में हुए भ्रष्टाचार की जांच करो। 9 मई को मुझे लगा अनशन से पार नहीं पड़ी, तो हमें जनता के बीच जाना चाहिए। भ्रष्टाचार समाज को दीमक की तरह खा रहा है। पेपर लीक करप्शन की वजह से होता है। हमें करारा प्रहार कर भ्रष्टाचार को खत्म करना पड़ेगा। 5 साल कांग्रेस और 5 साल बीजेपी की धारना को तोड़ने के लिए हमें दुनिया को करके दिखाना पड़ेगा। 

भ्रष्टाचार करने वाले आरपीएससी सदस्य कटारा के मकान पर बुलडोजर क्यों नहीं चलत...
सचिन पायलट ने कहा, आरपीएससी अजमेर से मैने जन संघर्ष यात्रा शुरू की, क्योंकि वहां से पेपर बनते हैं। मई का महीना है मुझे पत्रकारों ने कहा बहुत गर्मी है, आपको बहुत पीड़ा होगी। मैंने कहा, वो बच्चे जो साल भर पढ़कर कोचिंग करते हैं और किराए के लाखों रुपये लगाकर शहरों में रहते हैं। पेपर लीक हो जाते हैं, तो उन पर और उनके परिवारों पर क्या गुजरती होगी। पेपर लीक करने वाले के किराए के मकान पर बुलडोजर चलता है, लेकिन भ्रष्टाचार करने वाले कटारा के मकान पर बुलडोजर क्यों नहीं चलता? मछली छोटी हो या बड़ी हो कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।

बिना जांच कैसे घोषणा कर दी, पेपर लीक में नेता-अधिकारी शामिल नहीं?
पायलट ने कहा, बीजेपी वाले बहुत झूठे लोग हैं, उन्हें ललकारने के लिए हमने झुंझुनूं में सभा की और नागौर में भी की, मैंने सभा में पूछा, बंद तिजोरी से पेपर कैसे निकलाता है। तो (सीएम ने) कहा इस पेपर लीक में कोई नेता-अधिकारी शामिल नहीं हैं। उन्होंने बिना जांच के कैसे घोषणा कर दी। कटारा आरपीएससी के सदस्य किसके कहने से बने, पता करना पड़ेगा। सचिन पायलट ने सभा में कहा कि इस यात्रा का संकल्प भाजपा के शासन में हुए भ्रष्टाचार की जांच करवाना था। नौजवानों के साथ धोखा और भ्रष्टाचार की जांच करवाने की मांग रखना था। जब मैं अजमेर से निकला था तो बहुत गर्मी थी। लोगों ने कहा हो सकता है बहुत सारे लोग यात्रा में नहीं जुड़ पाएं। यहां दूर-दूर से लोग आए हैं। पायलट ने लोगों से पूछा कि क्या आपको इस जयपुर की सभा में आने से रोकने के प्रयास हुए कि नहीं हुए। जवाब ‘हां’ में आया। तो पायलट बोले इससे ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है। वसुंधरा सरकार के समय भी हमारी किसान यात्रा को रोकने के बहुत प्रयास हुए थे। लेकिन वो यात्रा रुकी नहीं हुई और सरकार को मांगों को मानना पड़ा। हमारी यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ है। नौजवानों के भविष्य को बेहतर बनाने के पक्ष में है और हम इसमें रुकने वाले नहीं हैं।

आज कल दूध और नींबू बहुत चल रहा है...
पायलट बोले, मैंने अभी मंत्री हेमाराम चौधरी जी का भाषण सुना, हम कुछ दिन पहले बाड़मेर गए थे। ये कहां की नीति है कि अपनी पार्टी के नेताओं को बदनाम करो और भाजपा नेताओं का गुणगान करो, ये चलने वाला नहीं है। सत्ता में जब लोग आते हैं तो कोई व्यक्ति नहीं आता। शासक कुर्सी पर बैठता है। उसे तेरा-मेरा करने का अधिकार नहीं है। न्याय करना होगा, कठोर निर्णय लेने पड़ेंगे। दूध का दूध पानी का पानी करना होगा। आजकल दूध और नींबू बहुत चल रहा है। दूध का दूध पानी का पानी नहीं होगा, तो लोग कहेंगे कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं है।

मुझे चुन-चुनकर गालियां दी गईं...
सचिन ने कहा मैंने किसी पर आरोप नहीं लगाया। कभी मेरे मुंह से किसी के खिलाफ गलत शब्द निकला हो तो बताओ, लेकिन चुन चुनकर मुझे गालियां दी गईं। मुझे और मेरे साथियों को और गालियां दें तो मुझे चिंता नहीं है। इससे भी निचले स्तर पर जाओ, तो भी मुझे चिंता नहीं। लेकिन इस लोकतंत्र में आप ही गणेश हो, जनार्दन हो और आपके ही आशीर्वाद से लोग (नेता) आगे आते हैं। किसी को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।

ये जन संघर्ष यात्रा नौजवानों के दिल में आग लगाने के लिए है...
राजस्थान में हर साल 20 से 25 लाख नौजवान बच्चे-बच्चियों सरकार के एक्जाम में बैठते हैं। गांव से बच्चा जयपुर पढ़ने आता है, तो कितना खर्च होता है, वो कैसे-कैसे पैसे इकट्ठा करते हैं। एक लाख रुपए साल का खर्च होता होगा, जिन बच्चों के पेपर कैंसल हो गए, जिनकी उम्र निकल गई। जिनके मन में मायूसी आ गई। उनका क्या होगा? नौजवानों के मन में मायूसी आ गई तो देश चलने वाला नहीं है। ये जन संघर्ष यात्रा नौजवानों के दिल में आग लगाने के लिए है। जो अपार जनसमर्थन मिला ये मुझे नहीं मिला, मेरी मांगों को मिला है। भ्रष्टाचार के खिलाफ और नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह समर्थन मिला। अखबार में क्या छपता है टेलीविजन पर क्या दिखाते हैं, लेकिन ये जनता सब जानती है। मुझे और मेरे परिवार को राजनीति में 40-45 साल हो गए। नेट बंद करो चाहे बिजली बंद करो, जनता बंद होने वाली नहीं है। 20-25 साल से मैं भी राजनीति कर रहा हूं। मुझे सांसद, विधायक, प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व डिप्टी सीएम कई पद मिले। लेकिन मेरा सबसे घोर विरोधी भी मेरे काम करने के तरीके में उंगली नहीं उठा सकता। यही मेरी सबसे बड़ी कमाई है। कितनी भी चुगली कर लो।

नौजवानों के पैरों के छालों की कसम, मैं अब पीछे हटने वाला नहीं हूं...
सचिन पायलट ने भावुक होते हुए कहा, मैं आपको वादा करना चाहता हूं और आश्वासित भी करना चाहता हूं मैं किसी पद पर रहूं न रहूं, मैं राजस्थान के नौजवानों की सेवा अपनी आखिरी सांस तक करता रहूंगा। मैं डरने वाला और दबने वाला नहीं हूं। प्यार से मांगों हम हाथ काटकर दे देंगे। धमकाकर मांगो तो हम हिलने वाले नहीं हैं। आज नौजवानों के पैरों के छालों की कसम, मैं अब पीछे हटने वाला नहीं हूं। मैं आपके साथ रहूंगा। राजनीति केवल सत्ता में बैठने के लिए नहीं है, सत्ता का सुख लेंगे और नौजवान ठोकरे खाता रहे यह संभव नहीं है। जो भी कुर्बानी देनी होगी मैं देने को तैयार हूं। 

दूध और नींबू, मुलाकात कितनी बार हुई किसने पूछा...
सचिन पायलट ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और सीएम अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा, कर्नाटक में 40 फीसदी भ्रष्टाचार के कारण बीजेपी की सरकार गई। अब यहां कोई सफाई दे रहा है दूध और नींबू, कोई कह रहा है 10 बार, 15 बार, 20 बार मुलाकात हुई। हमने कब कहा, हमने तो कहा, हमें 6 महीने के बाद जनता के बीच जाना है, जो वादा किया है वो पूरा करो। पायलट ने पब्लिक से कहा, हम आपके सेवक हैं किसी के खिलाफ नहीं हैं। सच और न्याय के रास्ते पर हम चलते रहेंगे। वसुंधरा जी पर हमने जो आरोप लगाया वो अब पूरा करने का वक्त आ गया है। 

विधायक वेदप्रकाश सोलंकी कह रहे थे बच्चों के पेपर कैंसल हो गए। उन बच्चों के साथ धोखा-नाइंसाफी हुई। उस नौजवान ने क्या बुरा किया। मैं मांग करता हूं जितने भी बच्चे पेपर लीक से प्रभावित हैं, प्रत्येक नौजवान को आर्थिक मुआवजा देना चाहिए जो भी उसका खर्चा हुआ है। आरपीएससी में धारणा बनी हुई है कि वहां जुगाड़ चलता है। आरपीएससी में नियुक्तियां राजनीतिक दृष्टिकोण से की जाती हैं। किसी का भांजा, भतीजा, पत्नी, रिश्तेदार आरपीएससी में पद पर होता है। मैं मांग करता हूं आरपीएससी को खत्म करके नई व्यवस्था शुरू करो। अभी आरपीएससी मेम्बर हटाने के लिए राष्ट्रपति तक जाना पड़ता है। एक कानून बने, जिससे पारदर्शी तरीके से मेम्बर्स बनें। नए मेम्बर्स की नियुक्ति से पहले जांच हो, जिस तरह हाईकोर्ट जज बनने से पहले पूरी जांच होती है। किसी साइंटिस्ट, प्रोफेसर जैसे काबिल व्यक्तियों की आरपीएससी अध्यक्ष, मेम्बर पद पर नियुक्ति हो। पूरे जंजाल को ध्वस्त कर एक नया खाना बनाना पड़ेगा।

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