राजस्थान यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन करते हुए आरएलपी कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर शुक्रवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और छात्र नेताओं के प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने भैराणा में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया और भाजपा नेताओं द्वारा हनुमान बेनीवाल पर की गई टिप्पणियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की व तीखी बहस के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलकर विरोध मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। कार्रवाई के दौरान करीब दो दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य छात्रों को मौके से खदेड़ा गया।
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता कमल चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छात्रसंघ, पंचायत और निकाय चुनाव समय पर नहीं करा रही और हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार और मंत्रिमंडल को “मूर्खों की मंडली” कहा था।
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आरएलपी नेता लादूराम गोदारा ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसान आंदोलन और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों से जनता परेशान है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। वहीं, मानाराम ढोलिया ने आरोप लगाया कि भैराणा धाम आंदोलन के दौरान संतों की मांगों की अनदेखी की गई और किसानों व आमजन की समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं है।
उधर, भाजपा नेताओं ने हनुमान बेनीवाल की टिप्पणी को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई भाजपा नेताओं ने बयान पर आपत्ति जताई है।