प्रदेश की भजनलाल सरकार के जिले खत्म करने के फैसले को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक सरकार के जवाब के विरोध में वेल में आकर नारेबाजी करने लगे इसके बाद उन्होंने वाकआउट भी कर दिया। स्पीकर ने विधायक कांग्रेस सुरेश मोदी और रामकेश मीणा ने स्थगन प्रस्ताव पर 2-2 मिनट बोलने की अनुमति दी। इसके बाद सरकार की तरफ से संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब दिया।
सुरेश मोदी ने कहा कि नीमकाथाना को फिर से जिला बनाने की मांग की। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए कि सरकार ने बदले की भावना से नीमका थाना से जिले का दर्जा वापस लिया है, क्योंकि बीजेपी यहां विधानसभा और लोकसभा दोनों में ही हार गई। उन्होंने कहा कि जिस ललित पंवार की अध्यक्षता वाली कमेटी ने जिले खत्म करने की सिफारिश की उसने नीमकाथाना का दौरा तक नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंवार को निर्देश दिए थे कि ये जिले खत्म करें। सरकार डीग के लिए कहती है कि वहां अन्य राज्य की सीमा लगती है, लेकिन नीमकाथाना भी हरियाणा से लगा हुआ है, उसे नहीं देखा।
रामकेश मीणा बोले मैं सिर्फ नीमकाथाना की बात नहीं कर रहा मैं तो जितने भी जिले खत्म किए हैं और मेरे गंगापुर जिले की भी बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जब मध्यप्रदेश और हरियाणा जैसे राजस्थान से छोटे राज्यों में ज्यादा जिले हो सकते हैं तो राजस्थान में क्यों नहीं हो सकते।
जोगाराम पटेल बोले सरकार के पास खत्म करने के अधिकार
कांग्रेस विधायकों के स्थगन प्रस्तावों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार के पास भू-राजस्व अधिनियम के तहत नए तहसील, जिले और संभाग बनाने व खत्म करने का पूरा अधिकार है। सुरेश मोदी और रामकेश मीणा ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जो याचिका लगाई थी, उस पर हाईकोर्ट की टिप्पणी को भी संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में पढ़ा। जब पटेल हाईकोर्ट की टिप्पणी पढ़ रहे थे तो सुरेश मोदी ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि आप झूठ बोल रहे हैं यह टिप्पणी मेरी याचिका पर नहीं की गई। इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस और हो-हंगामा बढ़ता गया। सरकार के जवाब से नाराज कांग्रेस के विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर 12:30 बजे सदन की कार्रवाई को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
सदन फिर से जुटा तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले…विधायकों ने जो सवाल उठाए उसका जवाब संसदीय कार्यमंत्री नहीं दे पाए और सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन मापदंडों पर जिलों को खत्म किया गया इस पर सरकार ने कुछ भी नहीं कहा। इस पर स्पीकर ने कहा कि सरकार की तरफ से जवाब आ चुका है। अब यह मामला खत्म हो गया है। इस पर जूली ने कांग्रेस के साथी विधायकों के साथ विरोध में सदन से बहिर्गमन कर दिया।