खेमराज कमेटी की रिपोर्ट के खिलाफ राज्य के कर्मचारियों ने सोमवार को गवर्नमेंट प्रेस महासंघ कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के बैनर तले कर्मचारियों ने रिपोर्ट की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश प्रकट किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने किया। उन्होंने कहा कि खेमराज कमेटी की रिपोर्ट कर्मचारियों के साथ छलावा है। राज्य सरकार ने वेतन विसंगतियों और अन्य समस्याओं पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को नजरअंदाज किया गया है।
सरकार की कथनी और करनी पर उठाए सवाल
गजेंद्र सिंह राठौड़ ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने सावंत कमेटी और खेमराज कमेटी के गठन में जनता का करोड़ों रुपया खर्च किया। लेकिन रिपोर्ट में कर्मचारियों के हित में कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जयपुर बुलाकर वार्ता के नाम पर केवल दिखावा किया गया।
आंदोलन की रूपरेखा तैयार
महासंघ ने घोषणा की कि सात और आठ फरवरी को सभी विभागों में सभाओं के माध्यम से संपर्क अभियान चलाया जाएगा और आंदोलन की आगामी रणनीति बनाई जाएगी। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि बजट सुझाव के दौरान भजनलाल सरकार ने कर्मचारियों से बातचीत की थी। लेकिन खेमराज कमेटी की रिपोर्ट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों और अन्य समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। यह विरोध प्रदर्शन कर्मचारियों की नाराजगी को दर्शाता है और आने वाले दिनों में सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है।