पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को आयोजित होने जा रही री-NEET 2026 परीक्षा को लेकर राजस्थान सरकार, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्यभर में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। विशेष रूप से सीकर, जयपुर और अन्य प्रमुख कोचिंग केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, नकल या पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने सीकर जिले में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधिकारियों, विशेष टीमों और खुफिया इकाइयों को कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों तथा संभावित संदिग्ध नेटवर्क पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। प्रमुख कोचिंग सेंटरों और हॉस्टलों में बीट कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाने का कार्य करेंगे। प्रशासन ने आमजन और विद्यार्थियों से सहयोग की अपील करते हुए संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8764514102 भी जारी किया है।
पुलिस की सादा वर्दी टीमें परीक्षा से पहले और परीक्षा वाले दिन कोचिंग संस्थानों तथा छात्रावासों के आसपास सक्रिय रहेंगी। सभी थाना प्रभारियों और वृत्त अधिकारियों को अपने क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों, हॉस्टलों, होटल, धर्मशालाओं और अन्य ठहराव स्थलों का नियमित निरीक्षण करने तथा आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छात्रों के साथ संवाद कर उन्हें परीक्षा नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी परीक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा है कि परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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राजस्थान के 27 जिलों में स्थापित 611 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 2.09 लाख अभ्यर्थी री-NEET 2026 में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी, जबकि अभ्यर्थियों को सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्र की जांच और प्रतिबंधित वस्तुओं की सघन तलाशी ली जाएगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों और जैमर की व्यवस्था की गई है।
राजधानी जयपुर में भी प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। जिले के 103 परीक्षा केंद्रों पर 37,108 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें 84 केंद्र सरकारी और 19 केंद्र निजी विद्यालयों में स्थापित किए गए हैं। परीक्षा की निगरानी के लिए 24 आरएएस अधिकारियों को फ्लाइंग ऑफिसर एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, जबकि छह सिटी को-ऑर्डिनेटर भी तैनात किए गए हैं। इनमें केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य तथा महाराजा कॉलेज के उपाचार्य शामिल हैं।
पुलिस, चिकित्सा विभाग, बिजली निगम, फायर ब्रिगेड और नगर निगम को भी विशेष अलर्ट पर रखा गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और अभ्यर्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें और अपने साथ एडमिट कार्ड तथा वैध फोटो पहचान पत्र अवश्य लेकर आएं। राज्य सरकार का दावा है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त होगी कि परीक्षा की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल नहीं उठेगा।