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RBSE 12th Result 2025: टॉपर्स ने बताए सफलता के मंत्र, कहा- किताबों के साथ मेहनत भी जरूरी; मोबाइल भी बना मददगार

Thu, 22 May 2025 09:55 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

RBSE 12th Result 2025: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आज 12वीं कक्षा के परीक्षा का परिणा घोषित किया। इस बार की सबसे अहम बात यह रही कि विज्ञान, वाणिज्य और कला तीनों संकायों के नतीजे एक साथ शाम 5 बजे जारी किए गए। साइंस का रिजल्ट 98.43%, कॉमर्स का 99.07% और आर्टस का 97.78% रहा। तीनों सब्जेक्ट में गर्ल्स टॉपर रही हैं।

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टॉपर्स - फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस घोषणा में भाग लिया। बोर्ड के सचिव कैलाश चंद्र शर्मा के अनुसार, इस वर्ष कुल 8 लाख 91 हजार 190 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परीक्षाएं 6 मार्च से शुरू होकर 9 अप्रैल तक चलीं। इन परिणामों में सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया प्रदेश की उन प्रतिभाओं ने, जिन्होंने टॉप कर न सिर्फ खुद का नाम रोशन किया बल्कि लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गईं। आइए जानते हैं इन टॉपर्स की मेहनत, संघर्ष और सफलता की कहानी।

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प्रीति - फोटो : अमर उजाला

विज्ञान संकाय: प्रीति की लगन ने दिलाया टॉपर्स का ताज

विज्ञान संकाय की टॉपर प्रीति ने न सिर्फ मेहनत पर यह मुकाम हासिल किया, बल्कि बिना किसी कोचिंग के पढ़ाई कर लाखों विद्यार्थियों के लिए उदाहरण पेश किया। प्रीति का कहना है कि उसने रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की, लेकिन जब परीक्षा या टेस्ट नजदीक होता था, तो वह अतिरिक्त पांच से सात घंटे की तैयारी करती थी। वह आधुनिक संसाधनों का भी समुचित इस्तेमाल करती थी। जैसे जरूरत पड़ने पर यूट्यूब और मोबाइल से पढ़ाई की, लेकिन उसकी प्राथमिकता हमेशा किताबें ही रहीं। प्रीति अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देती हैं। स्कूल और शिक्षकों से मिले सहयोग को वह कभी नहीं भूलतीं। दोस्तों की मदद ने भी उसे कठिन समय में संबल दिया।

अनुप्रिया - फोटो : अमर उजाला

कला संकाय: अनुप्रिया ने सभी विषयों पर दिया बराबर ध्यान

कला संकाय में टॉप करने वाली अनुप्रिया का कहना है कि उसने शुरुआत में ही तय कर लिया था कि किस विषय को कितना समय देना है। इससे उसका रूटीन व्यवस्थित बना रहा और किसी भी विषय में कोई कोताही नहीं हुई। अपनी सफलता का श्रेय वह भी अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं। उनका मानना है कि निरंतरता और फोकस ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आए।
 
पढ़ें: पिछले साल की तुलना में इस बार कैसा रहा परिणाम, ग्राफिक्स से समझें हर संकाय का रिजल्ट

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कंगना - फोटो : अमर उजाला

वाणिज्य संकाय की कंगना की मेहनत ने दिलाई सफलता

वाणिज्य संकाय की टॉपर कंगना का यह सफर, जैसा वह खुद कहती हैं, बहुत अच्छा और सीखों से भरा रहा। कंगना मानती हैं कि जब भी कोई छात्र पढ़ाई करे, तो उसका ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर होना चाहिए, ना कि किसी अन्य चीज पर। उनका रूटीन कोई निर्धारित घंटों का नहीं था, लेकिन जब भी वह पढ़ाई के लिए बैठती थीं, तो पूरी निष्ठा और मनोयोग से पढ़ती थीं। कंगना कहती हैं कि इस सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों का अहम योगदान रहा। माता-पिता ने हर वह संसाधन उपलब्ध करवाया जिसकी उन्हें जरूरत थी, और शिक्षकों ने हमेशा मार्गदर्शन दिया।

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