भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि इस देश के अंदर चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस पार्टी कई बार ईवीएम पर और निर्वाचन आयोग के ऊपर कई सवाल उठा चुकी है। कांग्रेस ये भूल जाती है कि जब परिणाम उनके अनुकूल आते हैं तो वो कहते हैं कि चुनाव निष्पक्ष हुआ है।
राजस्थान के अंदर एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह की डोटासरा की उपस्थिति में राजकीय कर्मचारी दयालाल पाटीदार ने ईवीएम को लेकर गलत बयानबाजी की गई। राजकीय कर्मचारी जो रेसापी के प्रदेशाध्यक्ष दयालाल पाटीदार ने सरेआम कहा कि "हम आपकी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का काम करेंगे और यहां जितने भी शिक्षक उपस्थित हैं वो सभी शिक्षक रिटर्निंग ऑफ़िसर बनते हैं, इनके पास ईवीएम रहती है और हम आपको आश्वस्त करते हैं कि आने वाले समय के अंदर हम आपको मुख्यमंत्री बनाने का काम करेंगे।"
निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग
रामलाल शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि किसी सरकारी कर्मचारी के द्वारा इस प्रकार सार्वजनिक मंच पर दिया गया भाषण उनकी सेवा नियमों का भी उल्लंघन और धमकी देने जैसा है। निर्वाचन आयोग को ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सार्वजनिक मंच सरेआम ईवीएम पर गलत बयानबाजी करना मेरे ख्याल से यह अनुशासनहीनता है और निर्वाचन आयोग को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।