गहलोत की पसंदीदा स्कीम पर भजनलाल ने की 'सर्जिकल स्ट्राइक',
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राज्य सरकार ने पिछली गहलोत सरकार में शुरू की गई राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्न प्रो्ग्राम को 31 दिसंबर से समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि इस कार्यक्रम की अवधि 31 दिसंबर तक ही थी। हालांकि इस कार्यक्रम शुरुआत असल में बीजेपी की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के समय की गई थी, जिसे युवा विकास प्रेरक नाम दिया गया था।
इसके बाद सत्ता में आई तत्कालीन गहलोत सरकार ने नए नाम राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरुआत की। हालांकि पुरानी योजना भी जारी रही, जिसमें करीब 150 वैकेंसी थी। वहीं राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्न कार्यक्रम को गहलोत सरकार ने आगे बढ़ाते हुए करीब 2500 की वैकेंसी निकाली। इसमें 2000 यंग इंटर्न लिए गए। बाद में इनमें से 300 को निकाल दिया गया। चुनावी साल के बजट में गहलोत सरकार ने यंग इंटर्न की वैकेंसी को 2500 और बढ़ाने का ऐलान किया, लेकिन ये भर्तियां हुई नहीं। सरकार में यंग इंटर्न को पहले 6-6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया फिर बाद में इसे 3-3 महीने कर दिया गया।
सरकार का कंटेंट सोशल मीडिया पर चलाने का था काम
यंग इंटर्न कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं को सरकारी योजनाओं का सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी दी जाती थी। इसके अलावा इन्हें घर-घर जाकर लोगों का सर्वे करना, योजनाओं में नाम जुड़वाना, कार्ड बनवाने जैसे काम भी दिए जाते थे।
नाम बदल कर चला लेते बंद करना उचित नहीं- गहलोत
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे करीब 5,000 युवाओं की सेवाएं समाप्त करना उचित नहीं है। ये युवा सरकार की योजनाओं के बारे में जागरुक हैं एवं सरकार की काफी मदद कर रहे हैं। नई सरकार को इस योजना के नाम से परेशानी थी तो राजीव गांधी सेवा केन्द्रों की भांति नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कर सकती थी। जबकि प्रदेशवासी जानते हैं कि पिछले कार्यकाल में बीजेपी सरकार द्वारा अस्थायी तौर पर लगाए गए पंचायत सहायकों को हमारी सरकार ने स्थायी कर उनका वेतन बढ़ाया था। ऐसी ही सकारात्मक सोच से नई सरकार को भी राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम को जारी रखना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा बोले बीजेपी कांग्रेस की नीति में यही फर्क
प्रदेश की नई भजन लाल शर्मा सरकार के इस फैसले को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने नए साल से पहले हज़ारों राजीव गांधी युवा मित्रों का इंटर्नशिप कार्यक्रम समाप्त कर उन्हें बेरोजगारी का गिफ्ट दिया है। अगर भाजपा की राजनीतिक दुर्भावना सिर्फ नाम से थी, तो वो नाम बदल देते लेकिन युवाओं को बेरोजगार क्यों किया? जबकि पिछली भाजपा सरकार में पंचायत सहायकों की नियुक्ति हुई थी, हमारी सरकार आने पर उनका मानदेय बढ़ाकर उन्हें स्थाई करने के प्रावधान का प्रयास किया गया। भाजपा और कांग्रेस की नीति में यही फर्क है।