जयपुर के जन शहीद स्मारक पर रविवार को बड़ी संख्या में ट्रेनी SI के परिवारों ने धरना दिया। उनका कहना है कि SI भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द न किया जाए। परिजनों का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों ने गलत तरीके से परीक्षा पास की परंतु इसका दोष निर्दोष अभ्यर्थियों को न दिया जाए। परिवारों ने सरकार से मांग की कि जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो लेकिन मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य को खतरे में न डाला जाए।
धरने में शामिल दृष्टि चौहान ने बताया, मेरा भाई एक साल से ट्रेनिंग कर रहा है, त्योहारों पर भी घर नहीं आ पाता। पेपर लीक की वजह से उसकी मेहनत बर्बाद क्यों हो? आरपीएससी की गलतियों की सजा निर्दोष क्यों भुगते?
छह मंत्रियों की समिति का फैसला बाकी
एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर छह मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है, जो इस पर निर्णय लेगी कि परीक्षा रद्द की जाए या नहीं। इस बीच ट्रेनिंग कर रहे 809 अभ्यर्थी इस असमंजस की स्थिति से परेशान हैं। इनका कहना है कि कुल 859 अभ्यर्थी परीक्षा पास कर ट्रेनिंग कर रहे हैं, जिनमें से 50 को पेपर लीक के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। यदि परीक्षा रद्द की गई तो बाकी 95% निर्दोष अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
परिवारों की अपील
धरने में शामिल मंजू देवी जो अपने पति के साथ पालड़ी मीणा से आई थीं, ने बताया कि वे सब्जी मंडी में कुली का काम करते हैं और अपने बेटे को कड़ी मेहनत से पढ़ाया है। मंजू देवी का कहना है, "अगर यह परीक्षा रद्द कर दी गई, तो हमारे बेटे का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।"
खेतड़ी से आई एक बुजुर्ग महिला ने भी अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। उनकी बेटी परीक्षा पास कर चुकी है और उनके पास अब कोई सहारा नहीं है। उनकी मांग है कि दोषियों को सजा मिले और निर्दोष अभ्यर्थियों को बख्शा जाए।
निशा, जिनकी बहन इस परीक्षा में सफल हुई है, ने बताया कि उनकी बहन 2016 में भी परीक्षा पास कर चुकी थी लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाया। इस बार उसने पूरी मेहनत से परीक्षा पास की और ट्रेनिंग कर रही है। निशा का कहना है कि निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।