राजस्थान में सर्दी ने दस्तक दे दी है। राजधानी जयपुर समेत राज्य के कई जिलों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। सोमवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जब न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार की रात का न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस था, जिसमें एक ही दिन में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में उत्तरी दिशा से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में यह गिरावट हो रही है। अधिकतम तापमान भी 1.6 डिग्री गिरकर सोमवार को 28.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अगले कुछ दिनों में सर्दी का असर और बढ़ने की संभावना है।
भरतपुर, अलवर और टोंक जैसे जिलों में कोहरे और स्मॉग ने जनजीवन प्रभावित किया है। भरतपुर में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही, जिससे भरतपुर-मथुरा रोड पर जाम की स्थिति बन गई। वहीं, अलवर में भी कोहरे के साथ स्मॉग भी दिखाई दे रहा है। सीकर में भी फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र पर न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिछले साल की तुलना में देरी से आई सर्दी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल सर्दी देरी से आई है। पिछले साल नवंबर के मध्य तक सीकर, चूरू और फतेहपुर जैसे जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था। हालांकि, इस बार वेस्टर्न डिर्स्टबेंस (WD) के लगातार आने से तापमान में गिरावट देर से हुई है।
सीकर और फतेहपुर में रिकॉर्ड गिरावट
मंगलवार को सीकर में पारा 7 डिग्री से कम हो गया। फतेहपुर में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सोमवार के मुकाबले 1.3 डिग्री कम है। सोमवार को यहां न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया था।
कोहरे का अलर्ट और यातायात प्रभावित
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। भरतपुर, अलवर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में घना कोहरा रहने की संभावना है। इन इलाकों में यातायात धीमा होने के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों की भविष्यवाणी
मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। लगातार वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के चलते आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। सीकर और चूरू जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे जाने की संभावना है।
सुझाव और सावधानियां
मौसम विभाग ने लोगों से सुबह और देर रात वाहन चलाते समय सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कोहरे और ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग और घरों में ही रहने की अपील की गई है। किसान वर्ग को भी सर्दी और कोहरे के असर को देखते हुए फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।