प्रदेश की लगभग 1100 से ज्यादा पंचायतों के लिए सरकार बर्तन बैंक बनाने जा रही है। हालांकि इसकी घोषणा बजट में ही की जा चुकी है लेकिन अब इसकी गाइड लाइन भी जारी कर दी गई है। प्रदेश के गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार पंचायतों में बर्तन बैंक शुरू करने जा रही है।
हर पंचायत के लिए 400 सेट खरीदे जाएंगे
पहले चरण में एक हजार गांवों में बर्तन बैंक बनाए जाएंगे और इसके लिए इन पंचायतों को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। इस राशि से पंचायतें बर्तनों के चार सौ सेट खरीदेंगी। राज्य सरकार ने इस बार के बजट में पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने क लिए बर्तन बैंक बनाने की घोषणा की थी। इसे पूरा करते हुए पंचायत राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने बर्तन बैंक की गाइड लाइंस जारी कर दी हैं।
गांव में शादी-ब्याह, अयोजन में हो सकेगा इस्तेमाल
इन बर्तनों का इस्तेमाल गांव में शादी-ब्याह या किसी परिवार के आयोजनों या सामुदायिक कार्यक्रमों या पंचायत स्तर पर होने वाले प्रशिक्षणों में किया जाएगा, ताकि ऐसे कार्यक्रमों में प्लास्टिक की पत्तलों, गिलास आदि का इस्तेमाल रुक सके और गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।
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एक सेट में होंगे ये बर्तन
गाइड लाइन के अनुसार एक सेट में एक थाली, तीन कटोरी, एक चम्मच और एक गिलास होगा। हर पंचायत में न्यूनतम चार सौ ऐसे सेट खरीदे जाएंगे। हर बर्तन पर संबंधित पंचायत का नाम और स्वच्छ भारत मिशन छपवाया जाएगा। बर्तन पांच वर्ष बाद बदले जा सकेंगे, जो बर्तन अच्छी स्थिति में होंगे, उन्हें आगे भी काम में लाया जा सकेगा। बर्तनों की न्यूनतम संख्या बनाए रखने के लिए पंचायत समय-समय पर बर्तन खरीदेगी।
महिला स्वयं सहायता समूह करेगा संचालन
बर्तन बैंक का संचालन राजीविका द्वारा संचालित महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाएगाा। यह समूह ही बर्तनों की सार संभाल, रिकॉर्ड का मेंटेनेंस और इसे लोगों को देने और जमा करने का काम करेगा। महिला स्वयं सहायता समूह का चयन जिला परिषद के मुख्य कार्यकरी अधिकारी की समिति करेगी।
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तीन रुपए होगा किराया
बर्तन किराए पर देने के लिए तीन रुपए प्रति सेट किराया निर्धारित किया गया है। यह राशि बर्तन बैंक में ही जमा होगी और इसकी सार संभाल आदि में खर्च की जाएगी। दिव्यांग, बीपीएल, अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष परिस्थितियों में किराए में पचास प्रतिशत की छूट दी जा सकेगी। बर्तन खोने और टूट-फूट होने पर संबंधित उपयोगकर्ता से किराए और शुल्क सहित इसकी भरपाई कराई जाएगी।
एक पंचायत में हुआ शुरू
कोटा जिले के रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र की खैराबाद पंचायत समिति में प्रदेश का पहला स्टील बर्तन बैंक प्रारंभ हो गया है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने हाल में रविवार को बर्तन बैंक का शुभारंभ किया। खैराबाद पंचायत समिति द्वारा इस बर्तन बैंक का संचालन किया जाएगा। प्रारंभ में इस बर्तन बैंक में 900 सेट स्टील बर्तन रखे गए हैं। बाद में आवश्यकता अनुसार इनकी संख्या में वृद्धि की जाएगी।
झुंझुनू की महिला सरपंच ने की थी पहल
बताया जाता है कि झुंझुनू जिले की लांबी अहीर गांव की सरपंच नीरू यादव ने इस तरह के बर्तन बैंक की शुरूआत की थी। वे काफी समय से यह बर्तन बैंक चला रही हैं।
इनका कहना है
राज्य सरकार ने इस बार के बजट में पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए बर्तन बैंक की घोषणा की थी। इसे पूरा करते हुए बर्तन बैंक की गाइड लाइन जारी कर दी गई है। जल्द ही एक हजार पंचायतों को इसके लिए राशि जारी कर दी जाएगी।
-डॉ. जोगाराम, शासन सचिव, पंचायत राज विभाग