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राजस्थान: सरिस्का के 10 किमी दायरे में चल रहीं छह खानें, NGT में रिपोर्ट से खुलासा; अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को

Wed, 02 Sep 2026 03:00 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

एनजीटी में पेश संयुक्त समिति की रिपोर्ट में सरिस्का टाइगर रिजर्व के 10 किलोमीटर दायरे में छह खानें संचालित होने का खुलासा हुआ है। क्षेत्र में कुल 32 खानें चल रही हैं। मामले में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अनुमति पर 12 अक्तूबर को सुनवाई होगी।

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सरिस्का के संवेदनशील दायरे में खनन का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में प्रस्तुत संयुक्त समिति की रिपोर्ट में सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास संचालित खनन गतिविधियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। करीब 200 पन्नों की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि सरिस्का अभयारण्य से एक से 10 किलोमीटर की परिधि के भीतर छह खानें संचालित हो रही हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस शिव कुमार सिंह के समक्ष संयुक्त समिति ने स्पष्ट किया कि सरिस्का के निर्धारित संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन संचालित करने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अनुमति अनिवार्य है।

रिपोर्ट में विशेष रूप से छह ऐसी खानों को चिह्नित किया गया है, जिनकी वास्तविक दूरी सरिस्का अभयारण्य से 10 किलोमीटर के भीतर पाई गई है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब छह महीने पहले सरिस्का टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने इन खानों की दूरी 10 किलोमीटर से अधिक बताई थी।

हालांकि, संयुक्त समिति ने दूरी के आंकड़ों में अंतर को लेकर यह स्पष्ट किया है कि अलग-अलग बिंदुओं से दूरी मापे जाने के कारण ऐसा अंतर हो सकता है। बावजूद इसके, नए आकलन के बाद सरिस्का के आसपास संचालित खनन और दूरी निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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क्षेत्र में 32 खानें संचालित
संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित क्षेत्र में कुल 32 खानें संचालित हो रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट में सभी 32 खानों की सरिस्का अभयारण्य से सटीक दूरी का अलग-अलग ब्योरा नहीं दिया गया है। रिपोर्ट में केवल छह खानों को 10 किलोमीटर के दायरे में शामिल बताया गया है, जिससे बाकी खानों की वास्तविक दूरी और स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इनमें से कुछ खानों के पास राज्य और जिला स्तरीय पर्यावरण प्राधिकरणों से जारी पर्यावरणीय स्वीकृतियां अथवा अनापत्ति प्रमाण पत्र मौजूद हैं।

अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को

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मंगलवार को एनजीटी में रिपोर्ट पेश होने के बाद याचिकाकर्ता ने इसके गहन अध्ययन के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की। अधिकरण ने मांग स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर के लिए तय कर दी। अगली सुनवाई में 10 किलोमीटर के संवेदनशील दायरे में संचालित खानों के पास राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की वैध अनुमति है या नहीं और खनन संचालन की कानूनी स्थिति क्या है, इस पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

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