सार
Rajasthan: भाजपा नेता किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में एसओजी (विशेष अभियान दल) के कार्यालय में पेपर लीक मामले को लेकर महत्वपूर्ण सबूत सौंपे हैं। मीणा ने RAS, SI, और रीट पेपर लीक से जुड़े कई साक्ष्य प्रस्तुत किए और आरोप लगाया कि इस मामले के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण ने एसओजी के अधिकारियों और एक सिपाही को 64 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।
राजस्थान में मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके वरिष्ठ बीजेपी नेता किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक मामले में एसओजी को महत्वपूर्ण सबूत सौंपे हैं और आरोप लगाया है कि इस मामले में एसओजी के एक इंस्पेक्टर और एक सिपाही की भी भूमिका है।
भूपेंद्र सारण का खुलासा
मीणा ने बताया कि पेपर लीक के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण ने खुद उन्हें पत्र लिखकर एसओजी अधिकारी मोहन पोसवाल और सिपाही पर पैसे लेने के आरोप लगाए थे।
अधिकारियों पर आरोप
मीणा ने एसओजी के अधिकारी मोहन पोसवाल और सिपाही पर पैसे लेने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र सारण का मोबाइल तक जप्त नहीं किया गया और जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना उदाराम ने दी थी।
सुरेश ढाका और मोहन पर आरोप
मीणा ने कहा कि उदाराम पेपर लीक माफिया सुरेश ढाका को बचाने का काम कर रहा है, जबकि मोहन कांग्रेस सरकार के नेताओं को बचाने में लगा हुआ है।
पूर्व आरपीएससी चेयरमैन डीपी जारौली पर आरोप
मीणा ने कहा कि डीपी जारौली ने पहले ही कहा था कि पेपर लीक में कांग्रेस नेताओं का हाथ है। उन्होंने जारौली पर भी पेपर लीक में शामिल होने का आरोप लगाया।
मीणा का अल्टीमेटम
किरोड़ी लाल मीणा ने एसओजी में सबूत पेश करते हुए कहा कि अगर उनकी सुनवाई नहीं होती है तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस दौरान कार्रवाई न होने पर वे सख्त कदम उठाएंगे। किरोड़ी लाल मीणा द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों ने पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ ला दिया है। एसओजी और अन्य संबंधित अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। अब देखना यह है कि एसओजी इन सबूतों के आधार पर क्या कदम उठाती है और जांच में क्या नए खुलासे होते हैं। मीणा के अल्टीमेटम के चलते मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।