मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पहले ही नेता प्रतिपक्ष के नाम घोषित कर चुकी कांग्रेस अब तक राजस्थान के मामले में कोई फैसला नहीं कर पाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले सप्ताह में कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष का नाम पर फैसला ले लेगी।
लोकसभा चुनावों से पहले संगठन में बड़ा फेरबदल करने वाली कांग्रेस से राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा इसका फैसला अगले सप्ताह होने की संभावना है। यूं तो नेता प्रतिपक्ष के की दौड़ में कई नाम हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो नेता प्रतिपक्ष के नाम पर भी आलाकमान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राय को तरजीह दे सकता है।
नेता प्रतिपक्ष कौन होगा इसका फैसला अगले सप्ताह हो जाएगा लेकिन इससे पहले ही पार्टी के दो कद्दावर नेता इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नेशनल अलायंस टीम में शामिल कर लिया गया है, वहीं सचिन पायलट को भी राजस्थान से हजार किमी दूर छत्तीसगढ़ के प्रभारी की जिम्मेदारी दे दी गई है। ऐसे में कांग्रेस किसे नेता प्रतिपक्ष चुनती है, इस पर नजर है।
यदि प्रतिपक्ष का नेता चुने जाने के कयास लगाए जाएं तो हिंडौली विधायक अशोक चांदना का नाम सबसे आगे है। हालांकि मुकाबले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, बायतू विधायक हरीश चौधरी, एसटी वर्ग से मजेंद्र जीत मालवीय, मुरारीलाल मीणा और एससी में टीकाराम जूली के नाम भी शामिल हैं। लेकिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष का पद जाट नेता गोविंद सिंह डोटासरा के पास है तो संभावना इस बात की है कि यहां किसी गैर जाट को यह जिम्मेदारी दी जाए।
चांदना की संभावना अधिक
तीन बार विधायक रह चुके अशोक चांदना राहुल गांधी की युवा टीम का हिस्सा रह चुके हैं और इस बार के विधानसभा चुनावों में उन्होंने भाजपा के दिग्गज प्रभुलाल सैनी को हराया है। इसके अलावा विधानसभा में चांदना का ट्रेक रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट यह भी है कि अशोक गहलोत भी चांदना को आगे बढ़ाना चाहते हैं। सचिन पायलट के विकल्प के तौर पर कांग्रेस पास गुर्जर समाज से आने वाले सबसे कद्दावर नेता चांदना ही हैं।