जजों के खिलाफ विवादित टिप्पणी मामले में अजमेर कोर्ट में मानहानि का मुकदमा झेल रहे कोचिंग संचालक विकास दिव्यकीर्ति ने अजमेर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर दी। हाईकोर्ट ने अपील को स्वीकर करते हुए 21 जुलाई को सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
इससे पहले विवादित टिप्पणी को लेकर वकील कमलेश मंडोलिया की शिकायत पर अजमेर के न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 के पीठासीन अधिकारी मनमोहन चंदेल की अदालत ने मामला दर्ज कर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिए थे। बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने 40 पेज के आदेश में कमलेश मंडोलिया की ओर से पेश किए मानहानि केस को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया था। कोर्ट ने विकास दिव्यकीर्ति को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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यह था विवाद
दरअसल विकास दिव्यकीर्ति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें दिव्यकीर्ति ने अपने स्टूडेंट्स को यह बताया था कि जजों के मुकाबले आईएएस ज्यादा पॉवरफुल हैं। उनके इस वीडियो को न्यायिक परिवार के लिए अपमानजनक बताते हुए उनके खिलाफ अजमेर कोर्ट में मानहानि का मुकदमा चलाया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि विकास दिव्यकीर्ति ने एक वीडियो में न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक और व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल किया है।