राजधानी जयपुर में एक बार फिर ईएसआईसी हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है और यह धमकी एक ऐसे नाम से भेजी गई है, जिसने 26/11 के मुंबई हमलों में पूरे देश को हिला दिया था। अजमल कसाब क नाम से आया मेल मिलते ही प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस, बम स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और एटीएस की टीमें पहुंचीं और पूरे अस्पताल परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि सर्च ऑपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली लेकिन मेल की भाषा, संदर्भ और नामों ने एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया है।
इस ईमेल में बेहद चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। मेल में तमिलनाडु कैडर के आईपीएस अधिकारी डेविडसन देवश्री बाथम पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी पत्नी की ट्रेवल एजेंसी के जरिए पूर्व लिट्टे आतंकियों को फर्जी पासपोर्ट जारी किए। मेल के अनुसार ये पूर्व आतंकी पाकिस्तान द्वारा भर्ती किए गए हैं और मोबाइल एक्टिवेटेड आईईडी, नर्व गैस व केमिकल फ्यूज जैसे उपकरणों से लैस हैं। उन्हें एक बायो बबल कार में जयपुर लाया गया है, जो अस्पताल में नर्व गैस छोड़ने की साजिश रच रही है। धमकी देने वाले ने लिखा है कि अगर योजना फेल होती है तो आईईडी से विस्फोट करेंगे। साथ ही एटीएस को तुरंत अलर्ट करने की चेतावनी भी दी गई।
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जयपुर पुलिस ने इस धमकी भरे मेल को साइबर सेल को सौंप दिया है। आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और मेल की उत्पत्ति को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। मेल में मदुरै के इंटेलीजेंस अफसरों के ठिकानों से जुड़े फर्जी पासपोर्ट की बात होने के कारण जांच का दायरा दक्षिण भारत तक खिंचता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि जयपुर में पिछले एक महीने में कई बार ऐसे धमकी भरे ईमेल आ चुके हैं। जिनमें 8, 12 और 13 मई को सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी, 13 मई को धमकी के साथ रेप पीड़िता को न्याय देने की मांग। 9 मई को जयपुर मेट्रो को उड़ाने की चेतावनी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र भी किया गया था। इनमें से एक मामले में अहमदाबाद से एक महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो जयपुर को पहले भी टारगेट कर चुकी थी।
अब पुलिस इन धमकियों को आपस में जोड़कर देख रही है। क्या यह किसी मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की करतूत है? या फिर किसी बड़े आतंकी नेटवर्क की गतिविधि? मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां इनपुट्स पर एक साथ काम कर रही हैं।