राजस्थान में घर और जमीन खरीदना अब महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने आज से बढ़ी हुई डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) रेट लागू कर दी है। शहरी इलाकों में डीएलसी रेट 5% से 15% तक बढ़ाई गई है, जबकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में यह वृद्धि 50% तक हुई है। इसका सीधा असर संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर पड़ेगा। आइये समझते हैं नई प्रॉपर्टी खरीदने वालों की जेब पर अब इस नई रेट का क्या असर होने वाला है-
50 लाख की संपत्ति पर कितना असर?
50 लाख रुपये कीमत के घर या भूखंड की रजिस्ट्री पर पुरुषों को अब 66,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे, जबकि महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 56,250 रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।
रजिस्ट्री शुल्क की दरें
पुरुषों के नाम : कुल रजिस्ट्री शुल्क 8.8% है, जिसमें 6% स्टांप ड्यूटी, 1% रजिस्ट्रेशन फीस और 30% सरचार्ज शामिल है।
महिलाओं के नाम : कुल शुल्क 7.5% है, जिसमें 5% स्टांप ड्यूटी, 1% रजिस्ट्रेशन फीस और 30% सरचार्ज शामिल है।
महत्वपूर्ण बदलाव
शहरी क्षेत्र : रजिस्ट्री अब वर्ग गज के बजाय वर्ग मीटर में होगी।
ग्रामीण क्षेत्र : कृषि भूमि की रजिस्ट्री बीघा के बजाय हैक्टेयर में होगी।
विकासशील क्षेत्रों और तेजी से शहरीकरण वाले इलाकों में रेट अधिक बढ़ाई गई है। सिंचित कृषि भूमि की डीएलसी दरें असिंचित जमीन की तुलना में कम थीं, जिन्हें अब 50% तक बढ़ा दिया गया है। जयपुर के सीकर रोड और जगतपुरा जैसे क्षेत्रों में 15% तक की वृद्धि की गई है।
पिछले 8 महीने में दूसरी बार वृद्धि
इससे पहले 1 अप्रैल 2024 को भी डीएलसी दरों में 10% की वृद्धि की गई थी। अब यह दूसरी बार है, जब ये दरें बढ़ाई गई हैं।
सरकार का दृष्टिकोण
रेट बढ़ाने को लेकर सरकार का कहना है कि राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने पिछले दो दिनों में सॉफ्टवेयर अपडेट का कार्य पूरा किया फिर प्रस्तावों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लागू किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचित और शहरीकरण वाले क्षेत्रों में अधिक वृद्धि हुई है, जबकि शहरी क्षेत्रों की डीएलसी दरों में 5-15% की बढ़ोतरी की गई है। रेट वृद्धि के बाद अब भूमि और घर खरीदने की योजना बनाने वालों के लिए ये दरें अतिरिक्त वित्तीय भार लाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां दरें अधिक बढ़ाई गई हैं।