महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा। उन्होंने वसुंधरा राजे के हालिया ट्वीट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक दो बार मुख्यमंत्री होकर यदि कोई नेता सिर्फ अपने क्षेत्र की बात करे, तो यह राज्य की जनता के साथ अन्याय है।
मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा- वसुंधरा राजे दो बार मुख्यमंत्री रही हैं। उन्हें पूरे राज्य की जिम्मेदारी का अनुभव है, लेकिन वे सिर्फ झालावाड़ की बात कर रही हैं। मेरी उनसे शिकायत है कि अगर उनमें राजनीतिक ईमानदारी है तो उन्हें पूरे राजस्थान की बात करनी चाहिए, न कि सिर्फ अपने क्षेत्र की।
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गहलोत ने ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) को लेकर भी भाजपा और वसुंधरा राजे को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार ने ईआरसीपी का नाम बदलकर पीकेसीईआरसीपी कर दिया है। भाजपा के नेता खुद मानते हैं कि यह योजना अगले 9 सालों तक पूरी नहीं होगी। यह सब बकवास है। सच्चाई यह है कि 10 से 15 साल तक इसमें कुछ नहीं होने वाला है। वसुंधरा राजे जी भी इस हकीकत को जानती हैं, फिर जनता को झूठ क्यों परोसा जा रहा है?
गहलोत ने चुनौती देते हुए कहा, "अगर वसुंधरा राजे में राजनीतिक ईमानदारी है, तो वे एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर स्पष्ट करें कि वर्तमान भाजपा सरकार ने जो नया नामकरण किया है, उसकी सच्चाई क्या है। साथ ही यह भी बताएं कि उनकी सरकार के समय जो ईआरसीपी योजना बनी थी और जिसे हमारी सरकार ने बिना किसी बदलाव के लागू किया था, वह बेहतर थी या आज की योजना बेहतर है।