भजनलाल शर्मा ने बुके भेंट कर यादव का स्वागत किया
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मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नदियों के जल बंटवारे के संबंध में लिया जा रहा निर्णय दोनों राज्यों के लाखों किसानों का जीवन बदलेगा। इस निर्णय से पर्यटन और उद्योग जगत में भी विकास के नए दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने कहा कि नदियों के जल बंटवारे के निर्णय से मप्र के किसानों को भी लाभ होगा।
डॉ. यादव पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों के जल बंटवारे को लेकर आज होने वाले निर्णय के बारे में चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण निर्णय से दोनों राज्यों के लाखों किसानों का जीवन बदलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा राज्यों के परस्पर सहयोग पर जोर देते हैं। उनके नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सहयोग से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ आज होने वाली चर्चा में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाना है।
मुख्यमंत्रीद्वय की प्रेस वार्ता
दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में ईआरसीपी के मुद्दे पर हुई चर्चा के बारे में जानकारी दी गई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज शाम तक अधिकारियों के साथ चर्चा कर किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ईआरसीपी को लेकर प्रतिबद्ध है और प्रदेश के 13 जिलों की प्यास बुझाने के लिए तत्पर है।
डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि कालीसिंध, पार्वती और चंबल दोनों राज्यों से सटी हुई नदियां हैं, इन नदियों का दोनों राज्यों को लाभ मिलता आया है। केंद्र में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस अभियान को रोक दिया था लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुन: इस दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद लगातार इस मुद्दे को लेकर चर्चा चल रही थी। दोनों ही राज्यों के लिए यह एक बहुत आवश्यक योजना है। इससे राजस्थान के 13 जिलों को पानी मिलेगा, साथ ही उद्योगों और वन क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलेगा।