राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में पैसा और शराब बांटने के लिए इन दिनों राजस्थान में तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। निर्वाचन विभाग के निर्देश पर पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाकर बीते 17 दिनों में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के नकदी, शराब और अन्य अवैध सामान जब्त किए हैं।
जबकि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूरी आचार संहिता के दौरान यानि 65 दिन में 70 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त की गई थी, जिसके मुकाबले अब तक 433% की बढ़ोतरी हो चुकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में अलग-अलग एजेंसियों की ओर से जारी रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है।
जयपुर में सबसे ज्यादा सीजर
54 करोड़ 81 लाख रुपये के सीजर के साथ जयपुर प्रदेश में सबसे आगे है। दूसरे स्थान पर 17.86 करोड़ की जब्ती के साथ उदयपुर है। अलवर 15.86 करोड़ के साथ तीसरे, भीलवाड़ा 14.43 करोड़ के साथ चौथे, बांसवाड़ा 14 करोड़ 36 लाख रुपये के साथ पांचवे, जोधपुर 13.53 करोड़ के साथ 6वें, चित्तौड़गढ़ 11.66 करोड के साथ 7वें बाड़मेर 11.44 करोड़ के साथ आठवें, श्रीगंगानगर 9.64 करोड़ के साथ 9वें और हनुमानगढ़ 9.44 करोड़ के साथ 10 वें स्थान पर है। इनमें से उदयपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, जोधपुर, सिरोही, नागौर और जालौर ने पिछले 24 घंटे में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की जब्ती की है।
अलवर में शराब तस्करी सबसे ज्यादा
राजस्थान में हरियाणा बॉर्डर से सबसे ज्यादा अवैध शराब आ रही है। अलवर की सीमा हरियाणा से लगने की वजह से यह जिला अवैध शराब जब्ती के मामले में 4 करोड़ 97 लाख रुपये के साथ प्रदेशभर में टॉप पर है।
भीलवाड़ा में ड्रग्स की सप्लाई
10 करोड़ 94 लाख रुपये की ड्रग्स जब्ती के साथ भीलवाड़ा पहले स्थान पर है। अवैध नगदी की जब्ती के मामले में जयपुर नौ करोड़ 36 लाख रुपये के साथ पहले स्थान पर है। 11.65 करोड़ के सोना चांदी जैसी कीमती धातुओं की जब्ती कर बांसवाड़ा पहले स्थान पर है। जबकि 27.54 लाख की फ्रीबीज जब्त कर सवाईमाधोपुर पहले स्थान पर है। गुप्ता ने बताया कि प्रदेश भर में विभागों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संदेहास्पद मामले पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।