फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan High Court: जर्जर स्कूलों के लिए कम बजट पर हाईकोर्ट नाराज, कहा- कम बजट प्रावधान पर लगाई कड़ी फटकार

Tue, 17 Feb 2026 07:56 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan High Court: राजस्थान में जर्जर सरकारी स्कूल भवनों के लिए 20 हजार करोड़ की जरूरत के बावजूद कम बजट प्रावधान  पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है।  कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए अतिरिक्त फंड जुटाने, डोनेशन व अन्य स्रोतों के उपयोग और मॉनिटरिंग कमेटी बनाने के संकेत दिए, ताकि स्कूलों की स्थिति जल्द सुधारी जा सके।
विज्ञापन
जर्जर स्कूल भवन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Rajasthan High Court: राजस्थान विधानसभा में स्कूलों के मुद्दे पर लगातार घिरती जा रही राजस्थान की भजनलाल सरकार को अब हाईकोर्ट से भी कड़ी फटकार पड़ रही है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता के बावजूद बजट में सीमित प्रावधान पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि सरकार अन्य कार्यों के टेंडर जारी कर रही है, लेकिन स्कूलों के लिए पर्याप्त धन नहीं दे रही। अदालत ने यहां तक कहा कि क्या स्वास्थ्य सेवाओं को छोड़कर एक वर्ष तक अन्य टेंडर जारी करने पर रोक लगाई जाए।

विज्ञापन

जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की पीठ ने झालावाड़ के स्कूल हादसे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। कोर्ट ने संकेत दिया कि स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाएगी और इसमें शामिल सदस्यों व अतिरिक्त फंड की व्यवस्था पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं।

एडवोकेट जनरल राजेन्द्र प्रसाद ने अदालत को बताया कि बजट में मरम्मत के लिए 550 करोड़, नए भवनों के लिए 450 करोड़ और लैब्स के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब जरूरत 20 हजार करोड़ की बताई गई थी, तो यह राशि “ऊंट के मुंह में जीरा” के समान है। अदालत ने यह भी सुझाव दिया कि स्कूलों के लिए डोनेशन, भामाशाह योजना, सांसद-विधायक निधि और अन्य स्रोतों से भी संसाधन जुटाने पर विचार किया जाए, क्योंकि शिक्षा में निवेश सबसे बड़ा दान है। गौरतलब है कि पूर्व में भी हाईकोर्ट ने प्रदेश के जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए सरकार से जवाब मांगा था जिसमें सरकार ने बताया था कि जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है। लेकिन बजट में सरकार की तरफ से महत 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार की जबरदस्त आलोचना भी की थी। अब चलते विधानसभा सत्र में हाईकोर्ट की इस टिप्पणी ने सरकार के लिए और ज्यादा मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। 

विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें