राजस्थान सरकार ने राज्य की ओर से उच्च न्यायालय में पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके तहत रिटेनरशिप, एपीयरेंस, ड्राफ्टिंग और ओपिनियन फीस बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर लोक अभियोजकों और विधि अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालयों में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी करने में विधि अधिकारियों की अहम भूमिका है। मजबूत पैरवी से जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण हो सकता है। सरकार ने विधि अधिकारियों की समस्याओं के समाधान और उनके साथ नियमित संवाद के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ताओं को संभागवार जिम्मेदारी देने का भी निर्णय किया है।
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दो बार बढ़ाया जा चुका है पारिश्रमिक
राज्य सरकार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में नियुक्त विधि अधिकारियों के पारिश्रमिक में अब तक दो बार बढ़ोतरी की जा चुकी है। अब हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों के लिए रिटेनरशिप और एपीयरेंस फीस के साथ ड्राफ्टिंग तथा कानूनी राय के लिए मिलने वाली ओपिनियन फीस भी बढ़ाई जाएगी।
वर्षों से लंबित मामलों पर सरकार की नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालतों में मामले लंबे समय तक लंबित रहने से विकास परियोजनाओं की लागत बढ़ती है और उनके क्रियान्वयन में देरी होती है। ऐसे में विभागों और जिलों में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की सूची तैयार कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने विधि अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ काम करने और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
80 नए न्यायालय, विधि अधिकारियों के भी नए पद
सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 80 नए न्यायालयों का सृजन किया है। इनमें जिला एवं सेशन न्यायालय, अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय, सीजेएम, एसीजेएम के साथ एसीबी, पॉक्सो, एनआई, एनडीपीएस और वाणिज्यिक न्यायालय शामिल हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट में 10 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 9 एजीसी और 2 विशिष्ट लोक अभियोजक के नए पद भी बनाए गए हैं। इनके कार्यालयों के लिए मंत्रालयिक संवर्ग के 40 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।इसके अलावा लोक अभियोजक, विशिष्ट लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजक के 76 पद तथा अधीनस्थ कार्यालयों में मंत्रालयिक संवर्ग के 109 और होमगार्ड के 77 नए पद सृजित किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने लोक अभियोजकों के लिए नियमित सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव से विधि अधिकारियों को न्यायालयों में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में लोक अभियोजकों और विधि अधिकारियों ने फीस और पारिश्रमिक में बढ़ोतरी के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था और सुलभ न्याय से आमजन का सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होता है और सुशासन की अवधारणा साकार होती है।