चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही बीतने के बाद राजस्थान सरकार में विभागों के बजट खर्च के पैटर्न को लेकर चिंता दिखाई देने लगी है। पहली तिमाही में बजट खर्च की रफ्तार बेहद कम रही है। सीएजी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से जून के बीच सरकार का कुल बजट खर्च अपेक्षाकृत धीमा रहा है।
'बजट मेन्युअल की पालना नहीं कर रहे विभाग'
वित्त विभाग ने अपने परिपत्र में कहा है कि कई विभाग बजट के नियमों की पलना नहीं कर रहे हैं। विभाग गैर जरूरी रूप से अनुपूरक अनुदान स्वीकृत करवा रहे हैं लेकिन उनका वास्तविक खर्च स्वीकृत करवाए गए मूल बजट से भी कम रही है। वित्त विभाग ने यह भी कहा कि कई विभाग बजट पूरा करने के लिए वर्ष की आखिरी तिमाही में एक साथ पैसा खर्च करते हैं।
सीएजी की रिपोर्ट ने बढ़ाई सरकार की चिंता
वित्त विभाग ने परिपत्र में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्टों का भी हवाला दिया है। सीएजी पिछले कई वर्षों से यह टिप्पणी करता रहा है कि कई विभाग सालभर खर्च नहीं करते और मार्च में अचानक बड़ी राशि खर्च कर देते हैं। इसके अलावा जरूरत से ज्यादा अनुपूरक बजट, अनावश्यक पुनर्विनियोजन और बड़ी राशि खर्च किए बिना छोड़ देने जैसी वित्तीय अनियमितताएं भी लगातार सामने आती रही हैं।