बीजेपी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के रिश्ते किस कदर बिगड़ चुके हैं, यह अब सार्वजनिक मंच पर भी नजर आने लगा है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजस्थान बीजेपी की बैठक में उनकी सबसे कद्दावर नेता वसुंधरा राजे शामिल नहीं हुईं।
इससे पहले मंत्रिमंडल की शपथ ग्रहण समारोह में भी राजे शामिल नहीं हुई थीं। हालांकि, राजे बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उनके बेटे दुष्यंत सिंह झालावाड़ से सांसद हैं। शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित राजस्थली होटल में लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लकर बुलाई गई बैठक में राजस्थान के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे। लेकिन वसुंधरा राजे इनमें शामिल नहीं थीं। मंत्रिमंडल में अपने समर्थकों को जगह नहीं दिए जाने से राजे इतनी नाराज हुईं कि वे उनके शपथ ग्रहण में भी शामिल नहीं हुईं और न ही कोई मंत्री पोर्टफोलियो बंटवारे के बाद राजे से मिलने पहुंचा।
क्या लोकसभा में भारी पड़ सकती है राजे की नाराजगी
सवाल यह है कि क्या वसुंधरा राजे की नाराजगी बीजेपी पर कोई असर डालेगी। विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कई नेताओं ने आलाकमान से इस बात की शिकायत की कि राजे समर्थकों ने उनके साथ भितरघात किया। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने बाद राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह पर अपने समर्थक विधायकों की बाड़ाबंदी के आरोप भी खुलकर लगे। इसके बाद राजे और दुष्यंत को दिल्ली तलब भी किया गया।
ये नेता बैठक में शामिल
बीजेपी की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, पार्टी के महासचिव अरुण सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल और सभी सांसद बैठक में शामिल हुए। लेकिन वसुंधरा राजे को बैठक में बुलाया गया है या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि मंत्रियों के शपथ समारोह में भी राजे शामिल नहीं हुई थी।