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Rajasthan Election: शेखावत बोले- गहलोत सरकार का एजेंडा समाज को बांटकर अपना वोट बैंक साधना, तुष्टीकरण चरम पर

Mon, 23 Oct 2023 06:32 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की तुष्टीकरण की नीति के चलते प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा पुजारियों और संतों की हत्या हो चुकी है।
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गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें बड़े दुखी और द्रवित मन से कहना पड़ रहा है कि बीते पांच साल में गहलोत सरकार की तुष्टीकरण की नीति के कारण एक दर्जन से ज्यादा पुजारियों और संतों की हत्या हो चुकी है। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इन संतों और पुजारियों को कोई मुआवजा और आर्थिक सहायता देने का काम नहीं किया। उन्होंने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जयपुर में रोडवेज की घटना में एक युवक की मौत के महज एक घंटे में सरकार ने 50 लाख के मुआवजे की घोषणा कर दी। इस सरकार का एजेंडा केवल अपना वोट बैंक को साधने का है और समाज को बांटकर एक समुदाय विशेष को खुश करने का है।

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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि दौसा के कालाखों में एक पुजारी की घर के बाहर पीट-पीटकर हत्या की जाती है। पुजारी को इतनी निर्दयता से पीटा गया कि उनकी आंखें निकलकर सड़क पर गिर गई। इस घटना से लाखों प्रदेशवासी आहत हैं। बीते पांच साल में साधु संतों और पुजारियों के खिलाफ घटनाओं की बात करें तो मुख्य रूप से अलवर के भर्तहरी में साधु की हत्या, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आश्वासन के बाद भी मांगे पूरी नहीं होने के बाद संत विजयदास का अनशन पर बैठना और तंग होकर आत्मदाह कर लेना। राजगढ़ के देवगढ़ में एक संत की हत्या, संगरिया में तलवार से एक साधु की नृंशष हत्या, पुजारी विवेकानंद की हत्या सहित दिव्यांग पुजारी की हत्या के मामले, प्रदेश में गहलोत सरकार की तुष्टीकरण की नीति के प्रमाण हैं।

हिंदुओं की तुलना आतंकवादियों से करना शर्मनाक
शेखावत ने कहा कि इन पांच साल में हिंदु त्योहारों पर प्रतिबंध लगाना, जिसमें रामनवमी के जूलूस पर रोक लगाना, हिंदु नव वर्ष पर निकलने वाली रैली पर पथराव की घटनाएं शामिल हैं। वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के मुखिया, हिंदुओं की तुलना आतंकवादियों से करते हैं, यह बेहद शर्मनाक है। जिस कांग्रेस पार्टी की नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, खालिस्तानियों के आतंक की भेंट चढ़ीं, आज उसी पार्टी के नेता मुख्यमंत्री गहलोत इस संगठन की तारीफ के कशीदे गढ़ते हैं। हिंदुओं की तुलना आतंकवादियों से करना और खालिस्तानियों की तारीफ करना, मुख्यमंत्री गहलोत का मानसिक दिवालियापन दर्शाता है।
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प्रदेश को रेप कैपिटल बनाने में नहीं छोड़ी कसर
कांग्रेस पार्टी के भीतर का अंर्तकलह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा और ये लोग हमें सीख दे रहे हैं। डीडवाना में गैंगरेप की घटना हो या आए दिन महिलाओं के खिलाफ बढ़ता उत्पीड़न, ये बताता है कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को रेप कैपिटल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश में एक दर्जन संतो पुजारियों की हत्या और 7 हजार से ज्यादा निर्दाेष नागरिकों की हत्याओं पर इस सरकार का ध्यान क्यों नहीं जाता?

कानून व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार दे ध्यान
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि गैंगस्टर राजू ठेठ की हत्या के दौरान, अपनी बेटी से मिलने आए निर्दाेश पिता की हत्या की जाती है, लेकिन गहलोत सरकार मुआवजे के नाम पर चुप रहती है। उस बेसहारा बेटी का सहारा कौन बनेगा जो फीस के लिए अपने पिता का इंतजार कर रही थी? क्या मुख्यमंत्री गहलोत की जिम्मेदारी नहीं बनती थी कि वो एक बेसहारा बेटी को आर्थिक सहायता देते? बेहतर होता यदि रोजाना अनर्गल बयान देकर प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने की बजाय गहलोत सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देते।

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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : अमर उजाला

जो दोहरा जीवन जीते हैं, उन्हें ही अपने आपको बड़ा फकीर कहना पड़ता है
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ा फकीर बताने के बयान पर जोरदार तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ढोंगी लोग जो फकीरी का लबादा ओढ़कर दोहरा जीवन जीते हैं, उन लोगों को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए इस तरह के अनर्गल बयान देना उनकी मजबूरी होती है।

शेखावत सोमवार को बीजेपी मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बड़े-बडे संत महात्मा खुद कभी अपने आपको फकीर नहीं कहते। यह दोहरे चरित्र जीने वालों को ही ऐसा कहना पड़ता है। शेखावत ने कहा कि जब सीएम ने अपने पास एक इंच जमीन नहीं होने के बात कही थी, उस समय भी मुझे पता था कि वो अपने फ्लैट के बारे में भूल गए हैं। इसके अलावा भूल गए होंगे कि मॉरिशस के रूट से होकर पैसा कैसे आया? कहां निवेश हुआ और फिर वापस उनके और उनके बेटे के खातों में पहुंचा।

शेखावत ने राज्य में पुजारियों की लगातार हो रही हत्याओं पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य में 12 पुजारियों की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई। लेकिन किसी के परिजनों को भी मुआवजा नहीं दिया गया। जबकि पिछले दिनों जयपुर में रोडवेज की मामूली घटना के बाद एक समुदाय विशेष के युवक की मृत्यु पर उसके परिजनों को पचास लाख का चेक दिया गया।

गहलोत बताएं क्या वे खालिस्तान का समर्थन करते हैं?
शेखावत ने कहा कि गहलोत ने हिंदू राष्ट्र की तुलना खालिस्तानियों से करने का काम किया है। उन्होंने उन खालिस्तानियों को समर्थन करने की कोशिश की है, जिसकी आग में उनके प्रिय नेता की हत्या हुई। गहलोत पहले ये स्पष्ट करें कि क्या वे खालिस्तान का समर्थन करते हैं। राजस्थान के कई नौजवान खालिस्तान के खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई में शहीद हुए हैं। गहलोत ने तुलना करने का यह गैर जिम्मेदाराना काम किया। यह उनका उन शहीदों का अपमान है, जो इसके खिलाफ लड़ी गई लड़ाई में कालकवलित हुए हैं। उन्होंने खालिस्तान के आतंकवादियों द्वारा मारे गए निर्दोष लोगों के परिजनों की भावना पर तेजाब डालने का काम भी किया है

मुख्यमंत्री हताश और दु:खी
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री हताश, निराश और दु:खी है। वे अपनी ही पार्टी द्वारा आपसी द्वंद्व के चलते जिस तरीके से उनकी पार्टी में हालत उत्पन्न हुए हैं। इससे वे दु:खी है। ऊपरी तौर पर भले ही सब कुछ शांत दिख रहा हो, लेकिन कांगेस के हालत खराब हैं। भ्रष्टाचार के मामले में अभी तक ईडी की जांच शुरू हुई है। तब ही करोड़ों रुपये और सोलह किलो सोना सामने आ चुका है। भ्रष्टाचार की कलई खुलती है, तब बोखला कर गहलोत ईडी के दुरुपयोग जैसे बयान देते हैं।

कांग्रेस मे टिकट देने वाले ही नहीं दिख रहे
शेखावत ने टिकटों के वितरण बाद उपजे असंतोष पर कहा कि ये फैसले सामूहिक निर्णय के आधार पर होते हैं। क्योंकि कार्यकर्ताओं को भाजपा की सरकार बनने की उम्मीद बढ़ी है। इसलिए टिकट नहीं मिलने वालों का गुस्सा भी बढ़ा है। यह तात्कालिक है। थोड़े दिनों में सब शांत हो जाएगा। कांग्रेस में तो हालत खराब है। वहां तो टिकट देने वाले ही नहीं दिखाई दे रहे। पहले से ही बवाल से डर रहे हैं। विधायक सूर्यकांता व्यास का टिकट कटने को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ उम्र को भी लेकर नीतियां बनी हुई हैं। व्यास हमारी मातृस्वरूपा है। वह पार्टी के साथ हैं, उन्होंने सहर्ष भाजपा प्रत्याशी का स्वागत किया है।

खरगे ने किया लाल डायरी का अधूरा जिक्र 
शेखावत ने कहा कि पिछले दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि लाल डायरी में सरकार आने की बात लिखी गई है, जबकि हकीकत यह है कि उन्होंने अधूरी बात कही है। लाल डायरी में यह लिखा है कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार से इतने पैसे कमा लिए है कि उसके दम पर वह दोबारा सरकार बना सकती है।

सरदारपुरा से चुनाव लड़ने पर बोले, यह पार्टी का फैसला 
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सरदारपुरा से सीएम गहलोत के सामने चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि यह तय करना पार्टी का काम है। मैं जिस विचार परिवार  से आता हूं, वहां यह परम्परा नहीं है कि कार्यकर्ता यह तय करें कि उसे कहां से चुनाव लड़ना है। उन्होंने कहा कि मैं जिस परिवार से आता हूं, वहां अगर मेरा संगठन यह तय करता है कि मुझे राजनीति के अलावा किसी अन्य क्षेत्र में काम करना है, तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं।

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