वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि पार्टी ने अतीत को ध्यान में रखते हुए जो भी निर्णय लिया है, उससे वह बिल्कुल सहमत हैं। राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार हम लोग ने जीत का दृढ़-संकल्प लिया है। पायलट ने ये बातें समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पांच साल में जो काम किया उससे जनता पूरी तरह संतुष्ट है। इतना ही मैं जनता को ये बताना चाहता हूं कि अगले पांच साल के लिए भी सरकार ने जो रोडमैप तैयार किया है वो भी जनता के हितों को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी राजस्थान में विपक्ष के रूप में पूरी तरह से गायब रही है। यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर भी हर मोर्चे पर विफल रही है।
टिकट बंटवारे के सवाल पर भी सचिन पायलट ने कहा कि टिकट बंटवारे में हर किसी को खुश कर पाना संभव नहीं होता है। टिकट वितरण पार्टी के हित को ध्यान में रख किया जाता है और वही पार्टी ने किया है। मैं टिकट वितरण से पूरी तरह सहमत हूं, टिकट वितरण बहुत ही अच्छा हुआ है। कई सर्वेक्षणों और नेताओं की राय के बाद हमने जीतने की संभावना के आधार पर टिकटों का वितरण किया गया है। चुनाव लड़ने के लिए और इस बार कई युवाओं को मौका दिया गया है। मैं हमेशा चाहता भी हूं कि युवाओं को अधिक से अधिक मौका मिले।
कोटा उत्तर सीट से शांति धारीवाल को टिकट दिए जाने के सवाल पर भी पायट ने कहा कि पार्टी का निर्णय है। पार्टी को जो भी निर्णय सही लगा पार्टी ने किया है। पार्टी ने हर जीतने योग्य उम्मीदवार को ही चुना है।
फिलहाल तो जीत जरूरी है
सीएम पद के सवाल पर पायलट ने कहा कि ये बहुत ही सहज प्रक्रिया है। फिलहाल हमें यह सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस पार्टी को जीत हासिल हो। जहां तक सीएम पद का सवाल है तो बहुमत का आंकड़ा मिलता है तो यह निर्णय दिल्ली में नेतृत्व और कार्यकर्ताओं और विधायकों की राय पर निर्भर करता है। ऐसे निर्णय पहले भी कई बार हो चुके हैं और इस बार भी कुछ अलग नहीं है।
देश को मजबूत विपक्ष की जरूरत
सचिन पायलट ने कहा कि हमें जिन रज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं सभी जीतने हैं, क्योंकि देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है। आने वाले कुछ दिनों में लोकसभा चुनाव भी हैं।
गहलोत पर टिप्पणी से बचे
सीएम अशोक गहलोत को लेकर पायलट ने कोई टिप्पणी करने से बचते दिखे। उन्होंने कहा कि किसने क्या कहा ये सब मुद्दे मैंने छोड़ दिए हैं। मैं केवल उस बात के लिए जिम्मेदार हूं जो मैंने कहा है। हमें सब भूलकर आगे बढ़ना है।