राजस्थान में चुनावी अखाड़ा जम चुका है। दांव-पेंच, भाव-भंगिमाएं, लालच और सियासी तोड़-फोड़...यहां अगले एक महीने तक यह सब कुछ देखने को देखने को मिलेगा। फ्री योजनाओं के दल पर प्रदेश में रिवाज बदलकर सरकार रिपीट करने का दावा करने वाले सीएम अशोक गहलोत ने इन आने वाले दिनों के लिए अपने तरकश में कुछ बड़े तीर बचाकर रखे हैं। सत्ता में फिर से आने के लिए गहलोत जनता से वादे नहीं करेंगे, बल्कि वचन देंगे। ये सात वचन होंगे।
हालांकि गहलोत ने सिकराय में ही एलान कर दिया था कि उनकी सरकार आने वाले चुनावी घोषणा पत्र में नई गारंटियों का एलान करेगी। उन्होंने कहा था कि आने वाले वक्त में हमारी गारंटी आधारित सरकार चलेगी। अमर उजाला के पास एक्सक्लूसिव जानकारी है कि सरकार इस चुनावी घोषणा पत्र में सात गारंटियां जारी करेगी। इसमें हर वर्ग के लिए एक गारंटी होगी।
हर वर्ग के लिए होगा एक वचन
गांव, महिला, युवा, कर्मचारी, बुजुर्ग, गरीब और किसान के लिए अलग-अलग गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे। गांव के लिए- गहलोत सरकार इस बार छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गांवों से गोबर और गौमूत्र की खरीद करेगी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार यह प्रयोग पहले ही कर चुकी है। अब इसे राजस्थान में गहलोत लागू करेंगे।
महिलाओं को आर्थिक सहायता- कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना तर्ज पर राजस्थान में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए अभी राशि तय नहीं की गई है, लेकिन यह लगभग डेढ़ से दो हजार रुपये महीना होगी। गारंटी कार्ड कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है, जो कर्नाटक में खूब चला। इसके दम पर कांग्रेस कर्नाटक में शुरुआती कयासों के उलट प्रचंड बहुमत लाने में कामयाब रही।
प्रियंका की सभा में कर सकते हैं एलान
सीएम अशोक गहलोत प्रियंका गांधी की आज झुंझुनूं में होने वाली सभा में इसकी शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। कुछ घोषणाओं के लिए अभी अप्रूवल और चर्चा जारी है। इन सात गारंटियों को लेकर कांग्रेस कार्यकताओं को घर-घर भेजा जाएगा। विधानसभा चुनावों का एलान होने से पहले राजस्थान की सियासत में दो बड़े सवाल तैर रहे थे। लगभग 25 साल से प्रदेश की बागडोर संभाल रहे सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का क्या होगा।