देश की राजधानी दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा फुल एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार शाम उन्होंने सचिवालय पहुंचकर ब्यूरोक्रेसी के साथ पहली बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगी। भ्रष्टाचारियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा सीएम ने सभी अधिकारियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित 100 दिन की कार्य योजना मांगी है।
बता दें कि सोमवार को दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री शर्मा ने विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक के अधिकतर निर्देश केन्द्र सरकार की विकसित भारत संकल्प यात्रा से संबंधित रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उनके फैसलों में हमेशा अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को केन्द्र में रखा जाना चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी अगले 25 साल का विजन भी सरकार को बताएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा, 100 दिन की कार्ययोजना में भी इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि इसमें कैसे विकसित भारत संकल्प यात्रा के अधिक से अधिक बिन्दु कवर हो सकें। बैठक में मुख्य सचिव उषा शर्मा भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों से उनके विभाग से संबंधित योजनाओं और प्रगति की जानकारी भी ली।