मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम (एमएफ-जेसीएफ) द्वारा डिजाइन किए गए अंगदान ध्वज का अनावरण किया। इस ध्वज को समस्त अंगदाताओं और इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को समर्पित किया।
इस अवसर पर एमएफ-जेसीएफ के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग पांच लाख लोगों को अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है। लेकिन प्रत्यारोपण की संख्या और अंग उपलब्ध होने की संख्या के बीच एक बड़ा अंतराल है। यहां प्रति 10 लाख की आबादी पर केवल 0.16 लोग अंगदान करते हैं, जबकि प्रति 10 लाख की आबादी पर स्पेन में 36 लोग, क्रोएशिया में 35 और अमेरिका में 27 लोग अंगदान करते हैं। अरोड़ा ने कहा कि भारत में तकनीकी और कुशलता के हिसाब से अंग प्रत्यारोपण करने की सुविधा अच्छी है, लेकिन यहां अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी है। मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम देशभर में अंगदान के लिए जन चेतना के प्रसार के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है।
'भारत में अंग और नेत्रदान के लिए अपना एक ध्वज समर्पित किया'
राजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि अमेरिका और पश्चिमी देशों में कई अंगदान NGO का अपना एक ध्वज है, लेकिन भारत में ऐसा आधिकारिक ध्वज अब तक नहीं था। इस दिशा में पहली बार कदम बढ़ाते हुए एमएफ-जेसीएफ ने यह कार्य अपने हाथ में लिया और भारत में अंग और नेत्रदान के लिए अपना एक ध्वज समर्पित किया है।
अंगदाता स्मारक और नेत्रदान दाता प्राचीर जयपुर में फहराया जाएगा ध्वज...
यह ध्वज एमएफ-जेसीएफ द्वारा प्रदेश के दो स्थानों अंगदाता स्मारकऔर नेत्रदान दाता प्राचीर जयपुर में फहराया जाएगा। आने वाले समय में जब भी राजस्थान में कोई अंगदान होगा, तब अंगदाता के सम्मान में एमएफ-जेसीएफ अंगदाता की देह को ध्वज में रैप करके परिवार को सौंपने का काम करेगा। दाह संस्कार से पहले देह से ध्वज उतारा जाएगा और वह ध्वज उनके घर में फहराया जाएगा।
अंगदान के लिए जागरूकता प्रसार के लिए एमएफ-जेसीएफ राजस्थान में अंग प्रत्यारोपण करने वाले सभी अस्पतालों में यह ध्वज फहराए जाने का आग्रह करेगा। इस अवसर पर एमएफ-जेसीएफ के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा, संयोजक भावना जगवानी, निदेशक गोविन्द गुरबानी, रेनू सिंह, डॉ संजना भोजवानी, ठाकुरदास और तारु सक्सेना उपस्थित रहेl