विधानसभा उपचुनाव में टिकटों की घोषणा के बाद भाजपा में उठी बगावत के सुर अब थमते नजर आ रहे हैं। सलूंबर में नरेन्द्र मीणा को मनाने के बाद दो दिन में रामगढ़ में जय आहूजा और झुंझुनू सीट पर बबलू चौधरी को भी मना लिया गया। मुख्यमंत्री शर्मा से मुलाकात के बाद चौधरी ने बुधवार की अपनी नामांकन रैली भी रद्द कर दी। बबलू और आहूजा दोनों ही 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी रहे थे। इस बार टिकट कटने पर दोनों ने अलग से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था।
रविवार को विदेश से लौटते ही सीएम शर्मा ने संगठन और सरकार के मंत्रियों को असंतुष्ट नेताओं को मनाने का टास्क सौंपा। सलूंबर से नरेन्द्र मीणा को तो चार्टर्ड प्लेन से जयपुर लाया गया और सीएम से मुलाकात कराई गई। जय आहूजा को मनाने का काम गृह राज्यमंत्री जवाहरसिंह बेढम ने किया।
तीनों बागी नेताओं को मनाने के बाद अब भाजपा के लिए सिर्फ देवली-उनियारा सीट ही ऐसी बची है, जहां पार्टी को अंदरूनी कलह को रोकना है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर विजय बैंसला कांग्रेस के हरीशचंद मीणा से हारे थे। बैंसला राजस्थान के चर्चित गुर्जर आंदोलन के नेता रहे दिवंगत कर्नल किरोड़ी बैंसला के पुत्र हैं। उपचुनाव में उनकी दावेदारी थी लेकिन पार्टी ने टिकट पूर्व विधायक राजेन्द्र गुर्जर को दे दिया। इस पर क्षेत्र में विरोध से स्वर बुलंद हो गए। हालांकि अब तक बैंसला ने खुले तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी ने उन्हें मनाने के लिए भी वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंप दी है।