राजस्थान उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को उप-मुख्यमंत्री कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के राज्य लेखानुदान (बजट) को अंतिम रूप दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोरा, शासन सचिव वित्त (राजस्व) कृष्णा कांत पाठक, शासन सचिव वित्त (बजट) नरेश कुमार ठकराल एवं निदेशक (बजट) बृजेश शर्मा उपस्थित रहे।
राजस्थान के आंतरिक बजट से प्रदेशवासियों को बहुत सी उम्मीदें लगी हुई हैं। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने की बात को लेकर लंबे समय से प्रयास लगाए जा रहे हैं। इस आंशिक बजट में उप-मुख्यमंत्री इसकी घोषणा करती हैं या नहीं, यह देखना प्रदेश की जनता के लिए काफी रोचक होगा। प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था के लिए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए और प्रदेश में बिजली की योजनाओं के लिए भी क्या महत्वपूर्ण घोषणाएं उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी के द्वारा की जाती है, इस पर सब की नजरें होंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा जिस प्रकार से योजनाओं का पिटारा खोला गया था, उसमें से कोई भी योजना भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बंद नहीं की हैं। उन सभी योजनाओं को चालू रखा गया है। प्रदेश की सरकार बजट पेश करने जा रही है, इसलिए अब इन योजनाओं का क्या होगा, क्या प्रदेश की सरकार इन योजनाओं को लागू रखेगी या इन योजनाओं में और कुछ बेहतर किए जाने का प्रावधान किया जाएगा। इस पर प्रदेश के हर प्रदेशवासी की नजर बनी हुई है।
प्रदेश की वह प्रमुख योजनाएं जिन पर प्रदेशवासियों की सीधी नजर बनी हुई है, उसमें नंबर एक पर आती है चिकित्सीय विभाग की चिरंजीव योजना। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा 25 लाख रुपये तक का इलाज फ्री कर दिया गया था। हालांकि, सरकार ने इस योजना को चालू रखा है। अब आगामी बजट में भजनलाल सरकार की वित्त मंत्री दीया कुमारी इस योजना को किस रूप में चालू रखती हैं, यह देखना होगा। क्या वित्त मंत्री 25 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सीमा को बढ़ाती हैं या इसकी सीमा कम कर दी जाती है। यह आने वाले बजट में देखने को मिलेगा।
प्रदेशवासियों से जुड़ी हुई दूसरी योजना मुफ्त बिजली योजना है, जिसके तहत 100 यूनिट फ्री 200 यूनिट तक किसी प्रकार का कोई सर चार्ज नहीं। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा लागू की गई थी, जिसका लाभ आमजन को मिल रहा था। नई सरकार ने इस योजना को जारी रखा है।सरकार के आगामी बजट में इस योजना को सरकार किस तरीके से चालू रखती है, क्या 100 यूनिट बिजली मुफ्त रहेगी क्या आम उपभोक्ता को मिलने वाला लाभ बरकरार रखा जाएगा, इस पर भी प्रदेशवासियों की सीधी नजर रहेगी।
बजट में किसानों की भी नजर सरकार पर टिकी है। क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसानों के 2,000 यूनिट तक के बिजली मुक्त करने की घोषणा कर दी थी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा था। आगामी बजट में क्या वित्त मंत्री किसानों को मिल रही इस योजना का लाभ बरकरार रखती हैं, इस पर भी किसानों की सीधी नजर रहेगी।