प्रदेश की भजनलाल सरकार विधानसभा सत्र की तैयारियों में जुट गई है। सत्र से एक दिन पहले गुरुवार बीजेपी विधायकदल की बैठक भी बुलाई गई है। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल का कहना है कि सरकार का रवैया सकारात्मक रहेगा और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि ये हमारी सरकार के पास एक साल का शानदार परफॉर्मेंस कार्ड है और इसी के साथ हम विधानसभा में भाग लेंगे।
कांग्रेस के पास सरकार को घेरने के लिए इस बार मुद्दों की कमी नहीं है। इस दौरान पेपर लीक, राइजिंग राजस्थान, ईआरसीपी एमओयू और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की अपनी ही सरकार नाराजगी जैसे कई मुद्दे हैं, जिनका जवाब सदन में सरकार से मांगा जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का कहना है कि पिछले सत्र में भजनलाल सरकार ने आड़ ली कि पिछली बार कांग्रेस सरकार थी। अब इन लोगों को एक साल पूरा हो गया है, उसका जवाब तो इन्हें देना होगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। किसान को जरूरत के वक्त खाद नहीं मिल रही, गर्मी के मौसम में बिजली नहीं और बारिश में भारी पानी जमाव की समस्या रही।
मंत्री बयानबाजी, करते कुछ नहीं
जूली ने कहा कि इनके मंत्रियों को बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं आता है। दीपालवी पर लोगों पेंशन नहीं मिली, बेरोजगारी भत्ते और स्कॉलरशिप के लिए युवा भटक रहे हैं।
किरोड़ी ने सत्र से मांगी छुट्टी, बीजेपी की टेंशन बढ़ी
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को भजनलाल सरकार एक साल बाद भी नहीं साध पा रही है। विधानसभा के बजट सत्र से पहले उन्होंने पूरे सत्र से छुट्टी मांग ली है। कांग्रेस इसे बार-बार मुद्दा बना रही है, जिसका बीजेपी के पास फिलहाल कोई जवाब नजर नहीं आ रहा है।