राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों पर लगे बैन के खिलाफ विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास किया। पुलिस ने हल्का बलप्रयोग कर छात्रों को खदेड़ा, जिसमें कुछ छात्र नेताओं पर लाठियां भी चलाई गईं और उन्हें हिरासत में लिया गया।
छात्रों का कहना है कि छात्र राजनीति से ही कई कद्दावर नेता मुख्यधारा की राजनीति में आए हैं, जिनमें विधायक और सांसद भी शामिल हैं। छात्रों का तर्क है कि यदि छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे तो राजनीति में नई पीढ़ी का उदय कैसे होगा। वे सरकार से छात्रसंघ चुनाव को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
लिंगदोह कमेटी के नियमों के उल्लंघन के सवाल पर छात्रों का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी नियमों का उल्लंघन होता है, तो क्या उन्हें भी बंद कर दिया जाएगा। छात्रों ने प्रशासन से लिंगदोह कमेटी के नियमों के तहत चुनाव करवाने की मांग की है।
छात्रसंघ चुनाव बहाली के मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। छात्र नेताओं का कहना है कि छात्र राजनीति युवाओं के नेतृत्व और अनुभव को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए चुनावों को बहाल करना चाहिए।