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राजस्थान विधानसभा शून्यकाल: तहसीलदार की मनमानी को लेकर वेल में पहुंचे विधायक, स्पीकर नाराज; जूली क्या बोल गए?

Thu, 12 Feb 2026 04:51 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Assembly Session: विधानसभा में दौसा तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा हुआ। विधायक दीनदयाल बैरवा ने मकान तोड़ने और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए। स्पीकर ने अनुशासन की हिदायत देते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
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कांग्रेस विधायक डीडी बैरवा के बयान पर नाराजगी दिखाते स्पीकर वासुदेव देवनानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने दौसा तहसीलदार पर मनमानी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तहसीलदार अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के मकान तोड़ रहा है और उसका व्यवहार भी आपत्तिजनक रहा है। बैरवा ने इसे गंभीर विषय बताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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वेल में पहुंचे विधायक, स्पीकर की नाराजगी
मामला उठाने के बाद दीनदयाल बैरवा वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए इसे अनुशासनहीनता करार दिया और उन्हें अपनी सीट पर लौटने के निर्देश दिए। स्पीकर ने कहा कि मामले में कार्रवाई की जा रही है और उचित कदम उठाए जाएंगे।

पढ़ें- राजस्थान विधानसभा में हंगामा: विधायक रफीक खान का बड़ा आरोप, कहा- JDA-निगम छोटे मकानों को सील कर वसूली कर रहे
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व्यवस्था के प्रश्न पर नोकझोंक
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष ने व्यवस्था का प्रश्न उठाने का प्रयास किया, जिस पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई। गर्ग ने कहा कि शून्यकाल में व्यवस्था का प्रश्न नहीं उठाया जा सकता और इसके लिए विधानसभा नियमों का हवाला दिया। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्ता बदलती रहती है और विधायकों का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ समय तक सदन में हल्की नोकझोंक का माहौल बना रहा।
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पहले भी उठ चुका है मुद्दा
गौरतलब है कि दीनदयाल बैरवा इससे पहले भी सदन के बाहर इस विषय को कई बार उठा चुके हैं। हालांकि, उनके अनुसार तहसीलदार के खिलाफ सरकार की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अंत में स्पीकर ने बैरवा को अनुशासन में रहने की हिदायत दी और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी।

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