विधानसभा में सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच गरमाया विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस ने इसके लिए सत्ता पक्ष को जिम्मेदार बताया है, वहीं बीजेपी अब इस मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर हमलावर हो गई है। बीजेपी आरोप लगा रही है कि यह कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है, डोटासरा ने पूरे सदन को हाईजैक कर रखा था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक ओर विधानसभा स्पीकर के कक्ष में जाकर गतिरोध दूर करने के लिए सहमति जताई, लेकिन सदन में जाकर अपनी ही बात से मुकर गए। इससे इनका दोहरा चरित्र उजागर होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं द्वारा दादी शब्द पर बेवजह राजनीति करने पर कहा कि प्रदेश में विपक्ष सदन की गरिमा को भूल गया। एक तरफ तो बजट सत्र के दौरान सदन में बाधा डालने का काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सदन से बाहर कांग्रेस प्रदर्शन करके जनता को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नकारात्मक सोच के साथ सदन में बैठे है, उन्हें सदन में जनता के मुद्दों पर सत्ता पक्ष से बहस करनी चाहिए थी, लेकिन वो एक परिवार की चापलूसी से ऊपर उठ ही नहीं पा रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हमारे समाज में दादा-दादी, नाना-नानी सम्मानजनक शब्द है और ये शब्द हमारे परिवार में आदर के रूप में संबोधित किए जाते हैं। ऐसे में आपकी दादी शब्द पर सदन का बहिष्कार करना, सदन में आसन की ओर चढ़ने का प्रयास करना एक अच्छे विपक्ष का कार्य नहीं है। विपक्ष भाजपा सरकार की ओर से पेश किए गए शानदार और बेमिसाल बजट के बाद से ही घबराया हुआ है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में हर वर्ग को, हर समुदाय को और समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक के लिए योजनाओं का पिटारा खोला है। इससे बौखलाकर विपक्ष बिना वजह हंगामा कर रहा है। सदन में विपक्ष का यह रवैया सही नहीं।