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राजस्थान: 20 विला खरीदने वाले आईएएस अफसर की बढ़ी मुश्किलें, संपत्तियों की जांच को सरकार की मंजूरी; जानें मामला

Fri, 30 Oct 2026 10:21 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान सरकार ने आईएएस शिखर अग्रवाल के खिलाफ पद के कथित दुरुपयोग, गोयल फैशंस को अनुचित लाभ पहुंचाने और परिजनों के नाम अनंता रिसॉर्ट में विला खरीदने के मामले में विस्तृत जांच को मंजूरी दी है।

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शिखर अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान सरकार ने आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ पद के कथित दुरुपयोग, निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने और खुद व परिजनों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के मामले में विस्तृत जांच को मंजूरी दे दी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की पूर्वानुमति दी गई है।

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि 27 अक्टूबर को एक मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित खबर और उद्योग विभाग से मिली तथ्यात्मक रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर भी तथ्यों का विश्लेषण किया गया। इसके बाद मामले में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत जांच करना उचित पाया गया।

गोयल फैशंस को लाभ पहुंचाने का आरोप

एसीबी की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, शिखर अग्रवाल ने राजस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया। इनमें उदयपुर जिला कलेक्टर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग सहित अन्य पद शामिल हैं।

आरोप है कि अग्रवाल ने होटल और रिसॉर्ट संचालित करने वाली निजी कंपनी गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया। इसमें रिसॉर्ट निर्माण से जुड़ी शर्तों में कथित छूट, आवश्यक प्रमाण-पत्रों की जांच के बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलाने के आरोप शामिल हैं। एसीबी के अनुसार, इन फैसलों से राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

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उदयपुर और अलवर के रिसॉर्ट में विला खरीदने की जांच

प्रारंभिक जांच में शिखर अग्रवाल और उनके परिजनों के नाम पर अनंता रिसॉर्ट में विला खरीदने का मामला भी सामने आया है। एसीबी के अनुसार, उदयपुर के बुझड़ा स्थित रिसॉर्ट में मार्च 2026 के दौरान 20 विला खरीदे जाने की जानकारी मिली है।

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, उदयपुर में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला खरीदे गए। प्रत्येक विला की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।

अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में भी विला खरीदने की जानकारी सामने आई है। एसीबी के अनुसार, यहां अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर आठ विला 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने का उल्लेख है। उनके दोनों पुत्रों के नाम पर चार विला करीब 15-15 लाख रुपये में और सास-ससुर के नाम पर चार विला करीब 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी मिली है। एसीबी को आशंका है कि इन संपत्तियों की खरीद बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर की गई। इस पहलू की भी विस्तृत जांच की जाएगी।

आर्थिक पैकेज और विला की रजिस्ट्री की तारीख पर भी सवाल

एसीबी के मुताबिक, गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी में सामने आया है कि वित्त विभाग ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को 27 मार्च 2026 को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया था। इसी तारीख को शिखर अग्रवाल द्वारा 20 विला की रजिस्ट्री कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

जांच एजेंसी इस घटनाक्रम और कंपनी को दिए गए आर्थिक लाभ के बीच संबंधों की पड़ताल करेगी। साथ ही, अग्रवाल और उनके परिजनों के नाम पर कथित तौर पर आय से अधिक संपत्तियां अर्जित किए जाने के पहलू की भी जांच होगी।

कंपनी के निदेशकों और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के लिए पूर्वानुमोदन दिया है। एसीबी के अनुसार, मामले में शिखर अग्रवाल, गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।

 

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