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Rajasthan: भ्रूण लिंग जांच के लिए चीन से लाई जा रही मशीनें, सप्लायर बनकर पुलिस ने एक को पकड़ा; बताया डॉन कौन?

Fri, 27 Jun 2025 12:25 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में भ्रूण लिंग जांच के लिए चीन से लाई गई पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के साथ एक को सप्लायर गिरफ्तार किया गया है। मशीन देने के लिए आरोपी कोलकाता से आया था। पीसीपीएनडीटी टीम ने दो महीने की रेकी के बाद यह कार्रवाई की है।

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जब्त मशीन और गिरफ्तार किया गया आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग जांचने के लिए देशभर में प्रतिबंधित चीन निर्मित पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) टीम ने गुरुवार को कोलकाता से आए सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक पोर्टेबल मशीन भी बरामद की गई है, जिसकी कीमत करीब 7 से 10 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। गिरफ्तार सप्लायर की पहचान पश्चिम बंगाल के हुगली निवासी अमिताभ भादुरी (45) के रूप में हुई है। वह यह मशीन जयपुर में डिलीवर करने पहुंचा आया। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह मशीन कोलकाता स्थित एक निजी हेल्थकेयर कंपनी के डॉक्टर आदित्य मुरारका से लेकर लाई गई थी।
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दो महीने की रेकी, फिर जाल में फंसा आरोपी
पीसीपीएनडीटी के एमडी डॉ. अमित यादव के अनुसार, टीम को इनपुट मिला था कि देश के कई राज्यों में चीन निर्मित पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन की अवैध बिक्री हो रही है। इसके बाद विशेष टीम गठित की गई, जिसने दो महीने तक मामले की गहनता से जांच की। टीम ने आरोपी से सप्लायर बनकर संपर्क किया और 6.25 लाख रुपये में मशीन की डील तय की। एडवांस के तौर पर कुछ रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। इसके बाद आरोपी जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहीं से सेंट्रल पार्क की ओर रवाना हुआ।


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डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है
गिरफ्तारी से ठीक पहले आरोपी ने अपने मुख्य सरगना डॉ. आदित्य मुरारका को वॉइस मैसेज भेजा- मैं सुरक्षा के लिहाज से वेटिंग एरिया में रुका हूं। कंपनी का पैसा भी बचा रहा हूं। बचे हुए पैसों से अच्छा खाना खाऊंगा। वैसे भी डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है और वो डॉन हो आप।  इस वॉइस मैसेज के कुछ ही मिनटों बाद पीसीपीएनडीटी टीम ने सेंट्रल पार्क में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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तस्करी कर भारत में पहुंचाईं जाती हैं मशीनें 
पीबीआई थाने के एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि यह मशीन चीन में तैयार होती है और तस्करी के जरिए भारत लाई जाती है। इससे जुड़े गिरोह मशीन को देश के अलग-अलग राज्यों में 7 से 10 लाख रुपये में बेच रहा था। यह मशीन इतनी कॉम्पैक्ट होती है कि एक छोटे सूटकेस में आराम से रखी जा सकती है। इसके साथ अन्य जरूरी उपकरण भी दिए जाते हैं। पुलिस टीम ने कोलकाता में गिरोह के मुख्य सरगना और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी है। ऐसे में जल्द ही अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की भी संभावना है।  डॉ. जाखड़ ने कहा- कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध रोकने के लिए यह कार्रवाई एक बड़ा कदम है। हमारी कोशिश है कि पूरे नेटवर्क को तोड़कर आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाए।
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