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फोन टैपिंग विवाद: सियासी दांव-पेंच के बीच आज पेश होगा बजट, सरकार का दावा गतिरोध समाप्त, विपक्ष जवाब पर अड़ा

Wed, 19 Feb 2025 08:23 AM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में फोन टैपिंग विवाद पर चल रहे सियासी दावं-पेंच के बीच आज वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में बजट पेश करेंगी। हालांकि, सरकार का दावा है कि सर्वदलीय बैठक में इस विवाद को सुलझा लिया गया है। लेकिन विपक्ष आज भी इसी मांग पर अड़ा है कि पहले सरकार सदन में घोषणा करे कि फोन टैपिंग पर बयान देगी।
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फोन टैपिंग विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के फोन टैपिंग संबंधी बयान के बाद गरमाई सियासत फिलहाल भजनलाल सरकार के दूसरे बजट के लिए अडंगा बनती दिख रही है। भजनलाल सरकार आज बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करेगी। लेकिन, कांग्रेस इस मांग पर अड़ गई है कि फोन टैपिंग के आरोप सरकार के ही मंत्री ने लगाए हैं। ऐसे में सरकार बजट से पहले सदन में यह एलान करे कि फोन टैपिंग पर जवाब कब दिया जाएगा। इसके बाद ही विपक्ष का गतिरोध खत्म होगा। हालांकि, बजट वाले दिन सदन में कोई भी और कार्यवाही की परंपरा नहीं रही है। लेकिन बजट भाषण को शांतिपूर्वक चलाने के लिए सरकार सदन में फोन टैपिंग पर जवाब का एलान कर सकती है। 

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गौरतलब है कि सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को दोनों पक्षों की बैठक बुलाई थी। इसके बाद सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि सभी दलों की शांतिपूर्ण सदन चलाने पर सहमति बन गई है। लेकिन मुख्य विपक्षी कांग्रेस के सुर इससे अलग रहे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्पष्ट कहा कि गतिरोध का रुख सरकार के रवैये पर निर्भर करता है। यदि फोन टैपिंग के मुद्दे पर आसन की ओर से  चर्चा कराने की व्यवस्था दी जाएगी तो कांग्रेस भी पूर्ण सहयोग की दिशा में अपनी नीति तय करेगा। जूली ने कहा कि सरकार के गृह राज्य मंत्री मीडिया के सामने आकर तो पक्ष रखते हैं, लेकिन सदन में बयान नहीं देते। उन्होंने जो मीडिया में कहा, वही बात सदन में कहते तो विपक्ष भी अपनी आवाज को सदन में रख पाता।

जारी हैं सियासी उठापटक
किरोड़ी का खुद के फोन टैप होने संबंधी बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सक्रिय हैं। गहलोत बीते एक सप्ताह से कई मौकों पर यह दवाब बना चुके हैं कि जैसे फोन टैपिंग प्रकरण पर उन्होंने सीएम रहते हुए सदन में जवाब दिया, भजनलाल भी दें। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने भी सरकार के खिलाफ बोलने वाले एक विधायक को जीएसटी विभाग से धमकी मिलने का आरोप जड़ दिया। इस बीच, बयान के लिए किरोड़ी को भाजपा संगठन ने कारण बताओ नोटिस थमा दिया है, जिस पर अभी संगठन का कोई फैसला नहीं आया है। इससे पहले सात फरवरी को जब पहली बार मामला विधानसभा में आया तो कांग्रेस ने पूरे दिन जबरदस्त हंगामा किया। 
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ये कहा किरोड़ीलाल ने
एक वायरल वीडियो में मंत्री मीणा ने कहा, मैने पेपर लीक के मामले उठाए। 50 थानेदार गिरफ्तार हुए। मैंने कहा परीक्षा रद्द करो, लेकिन सरकार नहीं मानी। उल्टा जैसा पिछली सरकार में होता था, चप्पे-चप्पे पर मेरी सीआईडी की जाती है। मेरा टेलीफोन भी रिकॉर्ड किया जाता है। यह वीडियो आमागढ़ मंदिर में एक सामाजिक कार्यक्रम का बताया गया।

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