338 साल पुरानी गुरु गोविंद सिंह की तलवार
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गुरु गोविंद सिंह की इस पवित्र ऐतिहासिक तलवार को हिमाचल प्रदेश में सिरमौर जिले के नाहान राज परिवार को भेंट किया गया था। इसके बाद यह तलवार जयपुर की पूर्व राजमाता पद्मिनी देवी अपने पीहर से जयपुर लेकर आईं, तभी से यह तलवार सिटी पैलेस में मौजूद है। इसे पवित्र और भाग्यशाली तलवार माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है। सिटी पैलेस के सर्वतो भद्र चौक में हुए कार्यक्रम में गुरु गोविंद सिंह जी की तलवार दर्शनों के लिए रखी गई।
दरअसल, गुरु गोबिंद सिंह ने कुछ समय नाहन (सिरमौर जिला) में व्यतीत किया था। तब नाहन छोड़ते समय उन्होंने अपनी निजी तलवार तत्कालीन शासक को स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की थी। राजमाता पद्मिनी देवी, जो कि नाहन से हैं, कुछ वर्ष पहले तलवार को जयपुर लेकर आई थीं। तब से यह तलवार सिटी पैलेस में है। सोसायटी के सदस्यों ने कृपाण के दर्शन कराने के लिए राजमाता पद्मिनी देवी का आभार व्यक्त किया।
बैसाखी और खालसा साजना दिवस मनाया
सिटी पैलेस में बैसाखी-खालसा साजना दिवस मनाया गया। सिटी पैलेस के सर्वतोभद्र चौक में 'खालसा साजना दिवस' के उपलक्ष्य पर सुखमनी सेवा सोसायटी, बनी पार्क के सदस्यों ने बैसाखी की पूर्व संध्या पर शब्द कीर्तन और अरदास की। इस अवसर पर सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिन्द सिंह जी की ऐतिहासिक 'कृपाण' तलवार को सोसायटी के सदस्यों के दर्शनों के लिए रखा। सुखमनी सेवा सोसायटी की प्रेसिडेंट पिंकी सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में सदस्यों द्वारा, "मेरा बैद गुरु गोबिन्दा'', "नासरो मन्सूर गुरु गोबिन्द सिंह" और "वाह वाह गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला" आदि शब्दों का गायन किया गया। वहीं सोसायटी के सेक्रेटरी सूर्य उदय सिंह ने गुरु गोबिन्द सिंह जी की 'कृपाण' के इतिहास के बारे में बताया और सभी के भले की अरदास की। इस अवसर पर एमएमएस द्वितीय संग्रहालय की एग्जीक्यूटिव ट्रस्टी, रमा दत्त, एमएमएस द्वितीय संग्रहालय की डायरेक्टर रीमा हूजा और ओएसडी रामू रामदेव भी मौजूद रहे।