राजस्थान में भारी बारिश के बाद नदी-नाले ऊफान पर हैं। इससे कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए कई जिलों में 31 जुलाई तक के लिए स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। अलवर में कक्षा एक से 12 तक सभी स्कूल आज बंद रहेंगे। यह आदेश आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा। हालांकि विद्यालय में स्टाफ यथावत कार्य करेगा। सवाई माधोपुर में 30 और 31 जुलाई को अवकाश है, जबकि बांसवाड़ा में स्कूलों में छुट्टी 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इनके अलावा अजमेर, उदयपुर और राजसमंद में भी 30 और 31 जुलाई तक स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई।
ये भी पढ़ें: Udaipur: उदयपुर में भारी बारिश के मद्देनजर स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित, प्रशासन ने जारी किया आदेश
मौसम विभाग ने बुधवार को बारां, बूंदी, झालावाड़, प्रतापगढ़, कोटा और चित्तौड़गढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट और 16 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 7 जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। राजधानी जयपुर में सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद सड़कों की हालत खराब हो गई है। मंगलवार को ज्यादातर अंडरपास पानी भरने के चलते बंद रहे, जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
बाढ़ का खतरा, कई गांवों में हाई अलर्ट
भारी बारिश से कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, सवाई माधोपुर और धौलपुर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कोटा बैराज और कालीसिंध से छोड़े जा रहे पानी से निचले इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। सवाई माधोपुर के खंडार उपखंड में 25 से ज्यादा गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।कोटा बैराज से 3 लाख और कालीसिंध से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चंबल और बनास से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले गांवों में सेंवती खुर्द, पाली, धर्मपुरी, मीना खेड़ी, बौहना, सोनकच्छ, नरोड़ा, अनियाला, बड़वास, सेंवती कलां, बागौरा, मदपुरी, बिंजारी, खिरखड़ी, अजीतपुरा, धीरौली, नरवला, जयलालपुरा, निचला क्यारदा, तालड़ा, डूंगरी, सांवटा, नायपुर, बरनावदा, अक्षयगढ़, पिलेंडी, खटकड़ आदि शामिल हैं।
करौली में खतरे के निशान से डेढ़ मीटर उपर चंबल
करौली में चंबल नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारी बारिश से नदी में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है जिससे खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है।, मंडरायल, करणपुर क्षेत्र में कई गांव टापू बन गए हैं। नदी में खतरे का जल स्तर 165 मीटर है जबकि वर्तमान में यह 166.4 मीटर के स्तर पर बह रही है। इसके चलते आप-पास के गांवों से सड़क संपर्क टूट गया है।