केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर आज राज्य के 28 शहरों में एयर स्ट्राइक की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में सिविल डिफेंस, प्रशासनिक एजेंसियों और आम नागरिकों की तैयारियों को परखना था। जयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, उदयपुर, सीकर, श्री गंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर, टोंक, बारां, सवाई माधोपुर समेत प्रमुख शहरों में रेस्क्यू अभ्यास किए गए।
जयपुर में बीएसएनएल ऑफिस पर मॉक ड्रिल
राजधानी जयपुर में एमआई रोड स्थित बीएसएनएल कार्यालय को एयर स्ट्राइक का निशाना मानते हुए मॉक ड्रिल की गई। यहां सायरन बजाकर लोगों को हवाई हमले की सूचना दी गई और आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
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बाड़मेर-जैसलमेर में हाई अलर्ट, बाजार बंद किए
पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर में एयर स्ट्राइक की मॉक ड्रिल के दौरान शहर के बाजार बंद करवाए गए। जैसलमेर में सोनार किले के पास स्थित होटल को हमले का केंद्र बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया।
उदयपुर और अलवर में संवेदनशील स्थलों पर अभ्यास
उदयपुर में भारत पेट्रोलियम गैस प्लांट और अलवर में डी-मार्ट पर मॉक ड्रिल की गई। दोनों ही जगहों पर फायर ब्रिगेड, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें कुछ ही सेकंड में मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की।
सीकर और कोटा में मॉल और सड़कों पर अभ्यास
सीकर के बायोस्कोप मॉल में वायुसेना के हमले की सूचना के बाद फौरन पुलिस, एंबुलेंस और दमकल दल मौके पर पहुंचे। कोटा में शाम चार बजे मॉक ड्रिल शुरू की गई, जिसमें फायर ब्रिगेड सायरन बजाते हुए सड़कों पर दौड़ी।
रेलवे स्टेशनों पर ब्लैक आउट की तैयारी
जयपुर जंक्शन सहित उत्तर-पश्चिम रेलवे के सभी स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ब्लैक आउट की स्थिति में ट्रेनों को रोका भी जा सकता है। स्टेशन पर लगातार मैसेज प्रसारित कर आम जनता को अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है।
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संवेदनशीलता के आधार पर बनाई तीन कैटेगरी
केंद्र सरकार ने राज्य के शहरों को संवेदनशीलता के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा है। कोटा और रावतभाटा को सबसे संवेदनशील कैटेगरी में रखा गया है, जबकि जयपुर सहित 18 शहर कम संवेदनशील श्रेणी में हैं। आठ शहरों को सबसे कम संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहां रात में ब्लैक आउट किया जाएगा।
डूंगरपुर, टोंक और बारां में भी दिखा मुस्तैदी का नमूना
डूंगरपुर में रोडवेज बस स्टैंड के पास हुए ब्लास्ट की सूचना के बाद अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मॉक ड्रिल की जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
टोंक में पीजी कॉलेज पर मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड ने तुरंत एक्शन लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
बारां के अंता क्षेत्र में एनटीपीसी प्लांट पर एयर स्ट्राइक की मॉक ड्रिल की गई, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस और मेडिकल टीम ने तेजी से मोर्चा संभाला।
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सवाई माधोपुर और श्री गंगानगर में मॉक ड्रिल
सवाई माधोपुर के स्काउट वन में मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी अस्पताल और सुरक्षित बंकर बनाकर लोगों को सुरक्षित किया गया।
श्री गंगानगर में ड्रिल से पहले कलेक्टर और एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों से अफवाहों से बचने और सरकारी सूचना पर ही भरोसा रखने की अपील की।
अफवाहों से बचें, सतर्क रहें
जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल के दौरान सशस्त्र बलों की आवाजाही के वीडियो या फोटो न लेने और अफवाह फैलाने से बचने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि सभी नागरिक ब्लैक आउट से पहले आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।