यूडीसी दीपेंद्र पर गोविन्दगढ़ के अणतपुरा-चिमनपुरा में एक निजी अस्पताल पर अवैध रूप से कब्जा करने, मारपीट और धोखाधड़ी का आरोप है। झोडवाड़ा के अशोक नगर निवासी अमरचंद पुत्र पोकरराम ने 21 अगस्त 2022 को यूडीसी दीपेन्द्र सिंह सहित 30 से 40 लोगों पर अवैध कब्जा, मारपीट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।
मंत्री गुढ़ा का निजी सहायक रहा
इससे पहले दीपेंद्र सिंह सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा का निजी स्टाफ भी रह चुका है। दीपेंद्र सिंह के खिलाफ जयपुर ग्रामीण के गोविंदगढ़ थाने में अवैध कब्जा, मारपीट व धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। मामले की जांच कर रहे ASP धर्मेंद्र यादव ने बताया कि दीपेंद्र सिंह के खिलाफ सीकर के गोविंदगढ़ में मामला दर्ज था। उस मामले गिरफ्तारी हुई है। दीपेंद्र सिंह सितम्बर 2019 से फरवरी 2023 तक मंत्री गुढ़ा का निजी सहायक रहा है। वर्ष 2022 में गोविंदगढ़ निवासी अमरचंद ने UDC दीपेन्द्र सिंह सहित अन्य पर लोगों पर अवैध कब्जा करने व धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। दीपेन्द्र सिंह झुंझुनूं के कालीपहाड़ी के रहने वाले है। पुलिस आरोपी को पकड़कर जयपुर ले गई है।
दीपेन्द्र सिंह ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की
शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान के कार्यालय में यूडीसी लगा
18 अप्रैल 2023 को विशेषाधिकारी ममता दाधीच ने आदेश जारी कर इन्हें शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान के कार्यालय में यूडीसी के पद पर लगा दिया। आरोपी मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा का रिश्तेदार है। अपनी पूरी नौकरी के दौरान निज सहायक के तौर पर मंत्री गुढ़ा के साथ काम किया। 2012 में जॉइनिंग के बाद मंत्री गुढ़ा का निजी सहायक रहा। इसके बाद मंत्री राजेंद्र सिंह अपने क्षेत्र उदयपुरवाटी से हार गए थे। भाजपा राज में फिर सीडीईओ कार्यालय झुंझुनू में कार्यरत रहा। जैसे ही राजेंद्र सिंह गुढ़ा जीते 2019 में फिर निजी सहायक बन गया।
अस्पताल पर कब्जे की कोशिश का आरोप