राजस्थान पुलिस कर्मियों की मुख्य मांगों में पुलिस कांस्टेबल से लेकर निरीक्षक स्तर तक के पदोन्नति की प्रक्रिया में सुधार, ग्रेड पे में बढ़ोतरी, जोखिम भत्ता, साप्ताहिक अवकाश और कार्य का निश्चित समय शामिल हैं। पुलिस कर्मियों का कहना है कि अन्य राज्य जैसे हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश में समय पर पदोन्नति की जाती है, जबकि राजस्थान पुलिस में पदोन्नति की प्रक्रिया वर्षों से अटकी पड़ी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि पुलिसकर्मियों के लिए जोखिम भत्ता 5000 रुपये मासिक किया जाए और उन्हें साइकिल भत्ते के स्थान पर मोटर साइकिल भत्ता दिया जाए। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के तर्ज पर मैस भत्ता 4000 रुपये मासिक देने की भी मांग की जा रही है।
पुलिसकर्मी यह भी चाहते हैं कि उनकी साप्ताहिक छुट्टी की व्यवस्था लागू की जाए और ड्यूटी का समय 8 घंटे निर्धारित हो, ताकि वे परिवार और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बना सकें। पुलिसकर्मियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। गांधी जयंती के मौके पर उपवास कर रहे पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे अहिंसात्मक तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि पुलिसकर्मियों के योगदान और बलिदान को सम्मान देने के लिए शहीद का दर्जा और शहीदों के परिजनों को मिलने वाले सभी परिलाभ उन्हें मिलने चाहिए। सरकार से उनकी मांग है कि पुलिस न्याय प्राधिकरण का गठन किया जाए और सभी रिक्त पदों पर जल्द भर्ती और पदोन्नति की जाए, ताकि पुलिस विभाग में काम का दबाव कम हो और कर्मियों को राहत मिल सके।
पुलिस कर्मियों की मांगे इस प्रकार है
01. पुलिस कांस्टेबल से पुलिस निरीक्षक की पदोन्नति 9, 18, 27 वर्ष की सेवा पुर्ण होने पर एसीपी के साथ ही 100 प्रतिशत डीपीसी से समयबद्ध रुप से की जाए, जिससे भर्ती प्रकिया न्यायालय में नहीं जाएगी। जिससे पदोन्नति परीक्षाओं में होने वाले खर्चे एवं समय दोनों की बचत हो सकेगी। वर्तमान में जयपुर आयुक्तालय में कांस्टेबल की पदोन्नति परीक्षा वर्ष 2013 तक ही हुई है। इसी प्रकार किसी जिले में वर्ष 2018, वर्ष 2019 तक की हुई है। जिससे कारण ऊपर के काफी पद रिक्त चल रहे है, जिसका प्रभाव सीधा दिखाई दे रहा हैं। पड़ोसी राज्य हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश तथा राज्य में राजस्थान पुलिस सेवा एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारीयों की समय पर पदोन्नति 100 प्रतिशत डीपीसी की जा रही है। जिससे समय पर पदोन्नति हो रही है।
राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा के कार्मिकों (पुलिस कॉस्टेबल से पुलिस निरीक्षक तक) की 100 प्रतिशत डीपीसी से पदोन्नति होने पर सरकार पर किसी प्रकार का वित्तिय भार नहीं पड़ेगा एवं अनुसंधान अधिकारी के काफी लम्बे समय से खाली चल रहे पद भरे जा सकेंगे, जिससे से पुलिस विभाग में कार्यरत कार्मिकों के अनुभव का लाभ अनुसंधान अधिकारी के रूप में सरकार व पीड़ितों को आवश्यक रुप से मिलेगा एवं अपराधियों को त्वरित सजा दिलाई जाने में सहायक होगा, प्रकरणों का त्वरित निस्तारण होगा।
02. पदोन्नति के प्रथम हेड कांस्टेबल की ग्रेड पे समकक्ष अन्य कैडर यथा ग्राम विकास अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक के अनुरुप 2800/- के स्थान पर 3600/- रुपये की जाये। तदानुसार सहायक उप निरीक्षक की ग्रेड पे 4200/- उप निरीक्षक पुलिस की ग्रेड पे 4800 /- एवं पुलिस निरीक्षक की ग्रेड पे 6600 रुपये की जाए।
03. पुलिस कांस्टेबलों को 24 घण्टे ड्यूटी के लिए मिलने वाले हार्ड ड्यूटी अलाउंस को बेसिक का 50 प्रतिशत किया जाए।
04. पुलिस कार्मिकों को साप्ताहिक अवकाश लागू किया जाए।
05. केन्द्रीय अर्धसैनिक बलो की तर्ज पर पुलिस कार्मिकों का मेस भत्ता 4000/- रुपये मासिक किया जाए।
06. वर्दी भत्ता 7000/- रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 10,000/- वार्षिक किया जाए।
07. साइकिल भता 50/- रुपये मासिक के स्थान पर मोटरसाइकिल भत्ता 2000/- रुपये प्रतिमाह चालू किया जाए।
08. जोखिम भत्ता 5000/- रुपये मासिक किया जाए।
09. एफटीए भता की राशि 500/- रुपये मासिक से बढ़ाकर 1000/- रुपये मासिक किया जाए।
10. मोबाइल डाटा अलाउंस 2500/- रुपये वार्षिक किया जाए।
11. स्टेशनरी भत्ता 500/- रुपये मासिक किया जाए।
12. पुलिस कार्मिक का स्थानान्तरण रेंज में 05 वर्ष की सेवा पर व गृह जिला में 07 वर्ष की सेवा पर किया जाना चाहिये।
13. पुलिस कांस्टेबल का न्यूनतम वेतनमान ग्रेड पे 3600 (एल-10) किया जाए।
14. समकक्ष कैडरों की भाति पुलिस काँस्टेबल की योग्यता स्नातक की जाए।
15. वर्ष 2013 में किये गये प्रारम्भिक मूल वेतन 9840 रुपये को पुर्नस्थापित कर सातवें वेतन आयोग के तदनुसार मूल वेतन 25500/- रुपये निर्धारण संबंधी आदेश जारी किये जाए।
16. पुलिस कार्मिक को एक बीट क्षेत्र से दूसरी बीट क्षेत्र का कार्य भार दिया जाता है। उसके लिए पटवारियों को मिलने वाले दूसरे हल्का के अतिरिक्त कार्य भत्ता के समान अतिरिक्त कार्य भत्ता दिया जाए।
17. उप निरीक्षक सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पद विभागीय कार्मिकों के लिए आरक्षित रखा जाये।
18. पुलिस न्याय प्राधिकरण का गठन किया जाए।
19. पुलिस कार्मिकों की ड्यूटी समय 8 घण्टे प्रतिदिन निर्धारित की जाए।
20. पुलिस कार्मिकों की नफरी बढ़ाई जाकर राष्ट्रीय/अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जाए। इसी वर्ष 30 हजार कॉस्टेबल के पदो पर भर्ती की जाए। सभी संवर्गों में रिक्त चल रहे पदो पर अविलंब भर्ती एवं पदोन्नति करवायी जाकर पूर्ति की जाए।