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Jaipur News: मदन राठौड़ का अशोक गहलोत पर पलटवार, कहा- अधिकारी के डंडे पर झंडा हमारा है, लगाम सरकार ही कसती है

Tue, 08 Jul 2025 11:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: पूर्व सीएम गहलोत पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर वे कुछ नहीं बोले तो उनकी राजनीतिक जमीन खिसक जाएगी। गहलोत सिर्फ मुंगेरीलाल के सपने देख रहे हैं। उनके चाहने या न चाहने से कुछ नहीं होगा।
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मदन राठौड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मंगलवार को कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी चाहे कहीं भी तैनात हो, वो अधिकारी ही रहता है। लेकिन उस पर नियंत्रण रखने का काम सरकार का होता है। उन्होंने तंज कसा कि अधिकारियों के लिए मुझे ऐसा शब्द नहीं कहना चाहिए, लेकिन जैसे एक तगड़ा घोड़ा होता है, वैसे ही उसे चलाने वाला सवार होता है।

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भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान राठौड़ ने कहा कि आज अफसरों के डंडे में भाजपा का झंडा लगा हुआ है, कांग्रेस का झंडा उतर चुका है। अब वे हमारे निर्देश पर काम कर रहे हैं। सरकार हमारी है और पूरी मजबूती से चल रही है।
 
कांग्रेस को बताया बजरी माफियाओं का जनक
बजरी खनन माफिया को लेकर भी राठौड़ ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बजरी माफिया कांग्रेस की ही देन हैं। उनकी सरकार में हमने बार-बार बजरी के ठेके देने की मांग की, लेकिन पार्टी के अंदरूनी हितों के चलते ठेके नहीं दिए गए और अवैध रूप से बजरी बिकती रही।
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‘गहलोत के सपनों से सरकार नहीं चलती’
पूर्व सीएम गहलोत पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर वे कुछ नहीं बोले तो उनकी राजनीतिक जमीन खिसक जाएगी। गहलोत सिर्फ मुंगेरीलाल के सपने देख रहे हैं। उनके चाहने या न चाहने से कुछ नहीं होगा। भजनलाल शर्मा ही हमारे मुख्यमंत्री हैं और वही रहेंगे। राठौड़ ने यह भी कहा कि गहलोत का बयान केवल सियासी अस्तित्व बनाए रखने की कोशिश है और जनता अब कांग्रेस की असलियत पहचान चुकी है।
 
भाजपा मनाएगी विशेष गुरू पूर्णिमा: साधु-संतों का होगा सम्मान
भारतीय जनता पार्टी ने गुरु पूर्णिमा को सनातन संस्कृति के सम्मान और संरक्षण के अवसर के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के हर जिले, कस्बे और ग्राम पंचायत स्तर पर भाजपा के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी साधु-संतों, कथा वाचकों, पुजारियों, ग्रंथियों और धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी का उद्देश्य न केवल गुरु परंपरा को आदर देना है, बल्कि नवयुवकों को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने की प्रेरणा देना भी है।
 
‘गुरु परंपरा ही सनातन संस्कृति की आत्मा’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति की आत्मा गुरु परंपरा में ही निहित है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भाजपा के हर स्तर के पदाधिकारी चाहे वे प्रदेश अध्यक्ष हों या बूथ कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री हों या पार्षद अपने-अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थलों में जाकर संतजनों का आदरपूर्वक सम्मान करेंगे।
 
राठौड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत मठ, मंदिर, गुरुद्वारा, आश्रम और जैन-धर्मस्थलों पर जाकर संत महात्माओं का श्रीफल, शॉल और माला से बहुमान किया जाएगा। साथ ही सेवाधारियों और ग्रंथियों का भी यथोचित सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह आयोजन सिर्फ श्रद्धा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण की दिशा में एक ठोस पहल है।

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वर्चुअल बैठक में बनी रणनीति, हर स्तर पर होगा आयोजन
गुरु पूर्णिमा आयोजन की रूपरेखा तय करने के लिए मंगलवार को एक प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने की। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, सभी 44 जिलाध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मंशा के अनुसार यह कार्यक्रम न केवल सनातन संस्कृति के प्रति आदरभाव को दर्शाता है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने का भी कार्य करेगा।
 
‘सिख, जैन धर्मगुरुओं तक पहुंचेगा सम्मान’
सह संयोजक सौरभ सारस्वत ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ हिंदू संतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सिख, जैन और अन्य धर्मों के गुरुओं और महापुरुषों का भी सम्मान किया जाएगा। पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि संबंधित क्षेत्रों में जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस आयोजन के दौरान साधु-संतों, कथा वाचकों, मंदिरों के पुजारियों, ग्रंथियों, आश्रमों में निवासरत संतजनों आदि को सम्मानित कर पार्टी कार्यकर्ता फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करेंगे, जिससे यह संदेश जन-जन तक पहुंचे कि सनातन परंपरा आज भी जीवित और प्रेरणादायक है।

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